फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Shimla News: इंतजार करते रह गए डीसी, पेयजल पर बुलाई बैठक में नहीं आए अधिकारी

विज्ञापन
विज्ञापन
खास खबर..
विज्ञापन

पेयजल योजनाओं को लेकर जिला पेयजल एवं स्वच्छता मिशन समिति की बैठक में होने थी कई अहम मुद्दों पर चर्चा
सात में से सिर्फ दो मंडलों के अधिकारी ही बैठक में आए
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। जिले के ग्रामीण इलाकों में जनता की पेयजल समस्याओं पर जलशक्ति विभाग के अधिकारी गंभीरता नहीं दिखा रहे। इन योजनाओं की समीक्षा को लेकर सोमवार को बुलाई बैठक में जलशक्ति विभाग के अधिकारी नहीं पहुंचे। उपायुक्त अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में जिले के सात मंडलों में से सिर्फ दो के ही अधिकारी पहुंचे।

काफी देर इंतजार करने के बाद भी जब अफसर नहीं आए तो उपायुक्त को बिना किसी चर्चा के ही यह बैठक रद्द करनी पड़ी। अब 22 दिसंबर को दोबारा यह बैठक बुलाई है। जिला प्रशासन के अनुसार सोमवार सुबह 10:00 बजे उपायुक्त कार्यालय में जिला पेयजल एवं स्वच्छता मिशन समिति की बैठक होनी थी। इसमें जल जीवन मिशन के तहत चल रही पेयजल योजनाओं की समीक्षा की जाती है। जिले में जलशक्ति विभाग के सभी सात मंडलों के अधिशासी अभियंताओं को बैठक में पहुंचने के लिए कहा था। इन्हें समय पर सूचना भी दे दी गई थी। इसके बावजूद सिर्फ कसुम्पटी और मतियाना जलशक्ति मंडल के अधिशासी अभियंता ही बैठक में पहुंचे। बाकी पांच मंडल जुब्बल, सुन्नी, नेरवा रोहड़ू, रामपुर के अधिशासी अभियंता बैठक में नहीं आए। इनमें से कुछेक ने अपनी जगह दूसरे कर्मचारी बैठक में भेज रखे थे। बैठक में न आने के पीछे किसी ने निजी तो कुछेक ने सरकारी कार्याें की व्यस्तता का हवाला दिया। कुछ देर इंतजार करने के बाद उपायुक्त ने बैठक रद्द कर दी। बैठक से गायब रहे अधिकारियों पर फिलहाल कार्रवाई नहीं की गई है। इन्हें उपायुक्त अगली बैठक में जवाब तलब कर सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


उपायुक्त की अध्यक्षता बनाई समिति
पानी और सफाई से जुड़े मामलों के लिए राज्यपाल ने उपायुक्त की अध्यक्षता में जिला पेयजल एवं स्वच्छता मिशन कमेटी का गठन किया है। यह कमेटी ग्रामीण इलाकों में नई पेयजल योजनाओं को मंजूरी देने, बजट मुहैया करवाने, गांवों के लिए पानी से जुड़ी नई योजनाएं तैयार करने, इनके काम की समीक्षा करने, जलजीवन मिशन की योजनाओं को लागू करने जैसे अहम कामों को देखती है। कमेटी में अन्य अधिकारियों के अलावा जलशक्ति विभाग के जिला के सभी मंडलों के अधिशासी अभियंता सदस्य हैं। इनसे ही हर योजना की रिपोर्ट ली जाती है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें