हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के जयसिंहपुर उपमंडल की लाहट पंचायत के डिब में 75 वर्षीय संत राम को उनकी बेटी ने मुखाग्नि देकर बेटे का फर्ज अदा किया। बीते दिन संतराम की मौत हो गई थी। उनकी केवल एक ही बेटी थी। बेटी सुमन ने ही पिता की अंत्येष्टी में भाग लिया। संत राम की पत्नी का करीब छह साल पहले देहांत हो चुका है।
सुमन संतराम की इकलौती बेटी है, उसका कोई भाई नहीं है। सुमन ने पिता को मुखाग्नि देकर साबित कर दिया कि बेटा-बेटी मे कोई अंतर नहीं है। श्मशान घाट पर होने वाले सभी संस्कारों को अंजाम देने में बेटियां बेटों से कम नहीं है। सुमन देवी ने समाज में एक मिसाल कायम की है।