आईआईटी मंडी के साथ मिल कर एनएसडीसी बाजार की मांग के अनुसार आवश्यक प्रशिक्षण प्रोग्राम का डिजाइन और कांसेप्ट तैयार करेगा। नई दिल्ली में इस करार पर आईआईटी मंडी के निदेशक लक्ष्मीधर और एनएसडीसी के मुख्य परिचालन अधिकारी कार्यवाहक सीईओ वेद मणि तिवारी ने हस्ताक्षर किए।
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मंडी में अब युवा डाटा साइंस और डाटा एनालिस्ट के डिजिटल कोर्स कर सकेंगे। इस संदर्भ में भारत सरकार के कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय (एमएसडीई) की नोडल एजेंसी राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (एनएसडीसी) के साथ आईआईटी मंडी का एमओयू साइन हुआ है। खास बात यह है कि इन कोर्स को शुरू करने से पहले आईआईटी मंडी के साथ मिल कर एनएसडीसी बाजार की मांग के अनुसार आवश्यक प्रशिक्षण प्रोग्राम का डिजाइन और कांसेप्ट तैयार करेगा।
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नई दिल्ली में इस करार पर आईआईटी मंडी के निदेशक लक्ष्मीधर और एनएसडीसी के मुख्य परिचालन अधिकारी कार्यवाहक सीईओ वेद मणि तिवारी ने हस्ताक्षर किए। आईआईटी के निदेशक ने बताया कि एक प्रतिष्ठित संस्थान के रूप में आईआईटी मंडी उम्मीदवारों के विभिन्न वर्गों के लिए डिजिटल लर्निंग मॉड्यूल डिजाइन और कोर्स शुरू करने की सुविधा प्रदान करेगा। इन कोर्सों में कैसे एडमिशन ली जा सकती है। इसकी जानकारी जल्द साझा की जाएगी। डाटा साइंस आंकड़ों का विश्लेषण कर उनसे जानकारी निकालने का विज्ञान है। यह कंप्यूटर विज्ञान का एक भाग है।
डाटा एनालिस्ट
डाटा एनालिस्ट यानी डाटा सहेजने के एक्सपर्ट। टेक्नोलॉजी के बढ़ते इस्तेमाल की वजह से आज बिजनेस का काम जितना आसान हो गया है, उतना ही उसका डाटा बढ़ गया है। ऐसे में इस डाटा को सहेजने और उसका सही तरीके से विश्लेषण करना काफी चुनौतीपूर्ण काम होता जा रहा है। डाटा एनालिस्ट इन्हीं चुनौतियों से निपटने का कार्य करते हैं।
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आईआईटी मंडी के निदेशक के अनुसार डाटा साइंस से जुड़े विशेषज्ञों की मांग आज हर तरफ है। ई-कॉमर्स, सोशल साइट्स, सर्च इंजन, मैपिंग और सरकारी विभाग में भी डाटा एनालिस्ट की मांग लगातार बढती जा रही है। शुरूआत में वेतनमान 15,000 से 30,000 रुपये प्रतिमाह हो सकता है। किसी भी बड़ी कंपनी में एक से दो लाख रुपये वेतन भी मिल सकता है।