पुलिस ने 24 मार्च वाली शिकायत पर तो एफआईआर दर्ज कर ली, लेकिन जो शिकायत पहले दी गई थी उस पर कोई केस दर्ज नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि पुलिस इस मामले में अलग से एफआईआर दर्ज कर सच्चाई जनता के सामने लाए।
गौरतलब है कि कर्मचंद भाटिया के खिलाफ थाना सदर में राष्ट्रपति के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में मुकदमा दर्ज किया गया है और आरोपी से थाने में दो बार पूछताछ भी हो चुकी है और उसका मोबाइल भी कब्जे में लिया गया है।
एएसपी सिटी प्रवीर ठाकुर ने कहा कि राष्ट्रपति के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी मामले में पहले ही एफआईआर दर्ज की गई है। ऐसे में दूसरी शिकायत जो आई है, उसमें अलग से एफआईआर की जरूरत नहीं है। शिकायतकर्ता के बयान दर्ज करने के बाद पहले हुई एफआईआर में ही उसे जोड़कर जांच की जाएगी।