1989 के नोबेल पुरस्कार विजेता एवं बौद्ध धर्मगुरु दलाईलामा ने नोबेल शांति पुरस्कार जीतने पर भारतीय नागरिक कैलाश सत्यरथी और पाकिस्तानी नागरिक मलाला युसूफजई को बधाई दी है।
दलाईलामा ने दोनों नोबेल शांति पुरस्कार विजेताओं को पत्र लिखकर बधाई संदेश भेजा है। इसमें दलाईलामा ने कहा कि यह मेरे लिए खुशी की बात है कि विपरीत परिस्थितियों के बावजूद आपने बच्चों और उनकी शिक्षा के लिए बेहतरीन काम किया। आपका यह काम शिक्षा में स्वीकार किया जाना चाहिए।
मलाला युसूफजई के बारे में दलाईलामा ने कहा कि लड़कियों के लिए शिक्षा के अधिकार पर आपने स्टैंड लेकर अपार साहस दिखाया। आपके स्टैंड से असहमत लोगों ने आपको घाव दिए, लेकिन घाव ठीक होने के बाद आप फिर अदम्य साहस दिखाते हुए पुनीत कार्य में जुट गईं। शिक्षा के मूल अधिकार के लिए आपकी लड़ाई प्रशंसनीय है।
नोबेल विजेता कैलाश सत्यरथी पर टिप्पणी करते हुए दलाईलामा ने कहा कि राष्ट्रपति महात्मा गांधी पूरे विश्व के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। विश्व गांधी को उनके समर्पण और अहिंसक परिवर्तन के लिए जानते हैं। मैं आपको मिले नोबेल शांति पुरस्कार को गांधी के अनुयायी के रूप में देखता हूं।