हिमाचल में एक अप्रैल से मनरेगा की दिहाड़ी बढ़ेगी। हालांकि, अभी तक तय नहीं है कि यह बढ़ोतरी कितनी होगी। वर्तमान में हिमाचल में सामान्य क्षेत्रों में यह दिहाड़ी 154 रुपये है, जबकि जनजातीय क्षेत्रों में यह 192 रुपये है।
बुधवार को विधानसभा में दिए वक्तव्य में पंचायती राज मंत्री अनिल शर्मा ने भी माना कि एक अप्रैल से मनरेगा कामगारों को बढ़ी हुई दिहाड़ी मिलेगी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने हिमाचल में मनरेगा के लेबर बजट में 76 फीसदी की बढ़ोतरी की है। अगले वित्त वर्ष में हिमाचल को 717.02 करोड़ रुपये मिलेंगे। 20 मार्च 2015 को मनरेगा पर बैठक हुई, जिसमें भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय ने कई प्रश्न उठाए।
मेरिट के आधार पर हो रहे तबादले
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि पंचायत प्रतिनिधि, बीडीसी, जिला परिषद सदस्य और विधायक कर्मचारियों के तबादलों को लेकर अपनी सिफारिश कर सकते हैं, लेकिन राज्य सरकार मेरिट के आधार पर फैसला लेती है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के कार्यकाल के दौरान भी कर्मचारियों के तबादले हुए हैं। तबादला किया जाना कोई नई प्रक्रिया नहीं है।
सीएम ने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल में भी ऐसा ही सवाल सदन में पेश किया गया था, जिसमें आठ महीने में 27,444 तबादले किए गए थे। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह भोरंज के विधायक आईडी धीमान की ओर से पूछे गए प्रश्न के उत्तर में बोल रहे थे। धीमान ने कहा कि सरकार प्रतिशोध की भावना से काम कर रही है।
सरकार के पास तबादला करने के सिवा कोई और काम नहीं रह गया है। इस प्रश्न को लेकर ऊना के विधायक सतपाल सिंह और सुजानपुर के विधायक विनोद ने भी तबादले को लेकर सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।