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Cyber Crime: फर्जी एप डाउनलोड करवाकर ऋण देने का झांसा दे रहे साइबर अपराधी, एडवायजरी जारी

Tue, 29 Nov 2022 08:17 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला

सार

प्रदेश में साइबर अपराधी फर्जी एप के माध्यम से लोगों को लोन का झांसा देकर ठगी कर रहे हैं। प्रदेश में लगातार बढ़ रहे मामलों के चलते साइबर सेल ने एडवायजरी जारी की है।
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साइबर क्राइम - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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 हिमाचल प्रदेश में साइबर अपराधी फर्जी एप के माध्यम से लोगों को लोन का झांसा देकर ठगी कर रहे हैं। प्रदेश में लगातार बढ़ रहे मामलों के चलते साइबर सेल ने एडवायजरी जारी की है। इसमें कहा है कि साइबर अपराधी पहले सस्ते लोन का लालच देकर लोगों को जाल में फंसाते है और उसके बाद ब्लैकमेलिंग करना शुरू कर देते है। दर्जनों ऐसे एप हैं गैरकानूनी पाए जा चुके हैं। एएसपी साइबर भूपिंद्र नेगी ने कहा कि लोन एप विज्ञापनों की बाढ़ सी आ गई है। साइबर अपराधी ऐसे लोगों की तलाश में रहते हैं, जिन्हें लोन की बहुत ज्यादा जरूरत होती है। शातिर पहले लोगों से एप को डाउनलोड करवाते हैं।

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डाउनलोड होने के बाद इन पर रजिस्ट्रेशन करवाने के लिए कहा जाता है। इस दौरान लोन लेने वाले व्यक्ति के मोबाइल के डाटा को प्रवेश की परमिशन मांगते हैं। शुरू में यह थोड़ा-थोड़ा पैसा दे कर मोबाइल उपयोगकर्ता को झांसे और लालच में लाते हैं और फिर भारी ब्याज लोन लेने वाले व्यक्ति पर डाल देते है। यह एप मोबाइल से व्यक्ति की बैंक डिटेल और कांटेक्ट लिस्ट तक पहुंच जाते हैं और उसको चोरी कर लेते हैं। एक बार लोन देने के बाद इनके रिकवरी एजेंट लोन लेने वाले लोगों को परेशान करना शुरू कर देते हैं। मोबाइल धारक को उसकी अश्लील तस्वीरें भेजने के अलावा धमकी देते हैं। 

शातिरों ने ऐप से निकाले धोखाधड़ी करने के नए तरीके 
जालसाजों ने ऐप के माध्यम से डिजिटली वित्तीय सेवाएं देने का आश्वासन देने के नाम पर धोखाधड़ी करने के नए-नए तरीके ढूंढ लिए हैं। विनियामकों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों को जनता से शिकायतें मिल रही हैं कि गैर कानूनी तरीके से चल रही एजेंसियां आकर्षक निवेश योजनाओं के नाम पर लोगों को धोखा दे रही हैं। जालसाजों की ओर से अपनाए जाने वाले अन्य तौर-तरीकों में सस्ते ऋ ण की आड़ में जनता को परेशान किया जा रहा है और उनसे जबरन वसूली की जा रही है। यह बातें बैठक में सामने आई हैं। मुख्य सचिव ने ऐसे मामलों का समय रहते निपटारा करने के निर्देश दिए हैं। यह बैठक मुख्य सचिव आरडी धीमान की अध्यक्षता में भारतीय रिजर्व बैंक शिमला की ओर से करवाई गई। भारतीय रिजर्व बैंक, सेबी और विभिन्न बैंकों की ओर से हिमाचल प्रदेश के सभी जिलों में समाज के विभिन्न वर्गों के लिए वित्तीय साक्षरता शिविर करवाए जाते हैं। बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त प्रबोध सक्सेना, पंजीयक सहकारी सभाएं राजेश शमा, सहकारी सभाओं के संयुक्त पंजीयक रजनीश कु मार, भारतीय रिजर्व बैंक के उप महाप्रबंधक आतिश अनंत, सेबी से मोहिता एस. दहिया मौजूद रहे।
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