सेवानिवृत्त कर्मचारी के साथ लाखों रुपये की धोखाधड़ी, पुलिस ने केस दर्जकर शुरू की छानबीन, बैंक स्टेटमेंट से खुलासा चार दिन में अलग-अलग ट्रांजेक्शन से निकली है रकम
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अमर उजाला ब्यूरो शिमला। राजधानी में बैंक से पैसे निकलवाने गए उपभोक्ता के होश उस समय फाख्ता हो गए जब उसे खाते से 16 लाख रुपये की राशि गायब मिली। शिकायतकर्ता ने इस संबंध में सदर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करवाई है। हैरानी इस बात की है कि उपभोक्ता के बैंक खाते से बिना ओटीपी के ही लाखों की रकम निकल गई। पीड़ित सरकारी विभाग से सेवानिवृत्त हैं।
सदर पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ बीएनएस की धारा 318 (4) के तहत केस दर्जकर छानबीन शुरू कर दी है। पुलिस के मुताबिक 5 दिसंबर को संतराम निवासी सुन्नी, शिमला शहर के गंज बाजार में एसबीआई की शाखा में पैसे निकलवाने के लिए पहुंचे।
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उन्होंने खाते से चेक के माध्यम से दो लाख रुपये की रकम निकाली। इसके बाद उन्हें पता चला कि उनके खाते में 4,34,175 रुपये की राशि ही बची है जबकि बैंक में 20,34,175 रुपये की राशि होनी चाहिए थी। यह देखकर शिकायतकर्ता के होश फाख्ता हो गए। उन्होंने इस संबंध में बैंक के अधिकारियों से भी बातचीत की। बैंक स्टेटमेंट की जांच करने पर पता चला कि 11 से 14 अक्तूबर के बीच उनके ाखाते से अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिये सोलह लाख रुपये की रकम निकाली गई है लेकिन उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। इसके बाद मामले की लिखित शिकायत लेकर सदर पुलिस स्टेशन पहुंचे। पुलिस ने बीएनएस की धारा 318 (4) के तहत अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्जकर मामले की छानबीन शुरू कर दी है।
प्रारंभिक जांच में पता चला है कि शिकायतकर्ता का बैंक खाते से लिंक मोबाइल नंबर की सिम कुछ समय पहले गुम हो गई थी। पुलिस अब इस पहलू को देखकर भी जांच कर रही है कि आरोपियों ने उनकी सिम का गलत इस्तेमाल करके बैंक से लाखों की रकम को तो नहीं निकाल लिया है। इसके अलावा अन्य पहलुओं को लेकर भी जांच पड़ताल की जा रही है। बैंक से भी खाते से संबंधित रिकॉर्ड जल्द ही पुलिस की टीम कब्जे में लेगी जिससे धोखाधड़ी के इस मामले के बारे में गहनता से पड़ताल की जा सके।
सेवानिवृत्त कर्मचारियों से हो रही ठगी
जिले में आए दिन सेवानिवृत्त कर्मचारियों के बैंक खातों से लाखों रुपये की रकम उड़ाई जा रही है। इसमें ज्यादातर मामलों में साइबर अपराधी लोगों को झांसे में फंसाकर रकम को निकाल रहे हैं। हाल ही में बैंक के कर्मचारी और अधिकारी को जीवन प्रमाणपत्र अपडेट करने के नाम पर लाखों रुपये की साइबर ठगी को अंजाम दिया है। इससे पहले भी शहर में बुजुर्ग लोगों को सीबीआई, ईडी, कस्टम और पुलिस के नाम पर डरा धमकाकर डिजिटल अरेस्ट करने के नाम पर लाखों की साइबर ठगी के मामले सामने आ चुके हैं। अब इस मामले में बिना उपभोक्ता की जानकारी के बैंक खाते से लाखों की रकम गायब होना उपभोक्ताओं की परेशानी को बढ़ा रहा है। साइबर विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि वह किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और न ही साइबर अपराधियों के झांसे में आकर बैंक खातों समेत अन्य निजी जानकारियों को साझा करें। एसएसपी शिमला संजीव कुमार गांधी ने बताया कि पुलिस ने मामला दर्जकर छानबीन शुरू कर दी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए हर पहलू की गहनता से पड़ताल की जा रही है।