कोरोना वायरस के चलते लगाए कर्फ्यू से बसों का संचालन बंद होने के बाद प्राइवेट बस ऑपरेटरों ने सरकार से टैक्स छूट की मांग की है। बस ऑपरेटरों ने सरकार से टोकन टैक्स और स्पेशल रोड टैक्स में एकमुश्त छूट देने का आग्रह किया है।
प्रदेश निजी बस ऑपरेटर संघ के प्रदेश अध्यक्ष राजेश पराशर और प्रदेश महासचिव रमेश कमल, हिमालयन बस ऑपरेटर यूनियन के प्रधान जय गोपाल राजटा, महासचिव प्रदीप करुण, शिमला शहरी बस ऑपरेटर यूनियन के प्रधान कमल ठाकुर और महासचिव सुनील चौहान ने कहा कि बसें खड़ी होने के कारण बस ऑपरेटरों की कोई कमाई नहीं हो रही ऐसे में सरकार को टोकन टैक्स और स्पेशल रोड टैक्स में छूट देनी चाहिए।
बस ऑपरेटर यूनियन के प्रदेश महासचिव रमेश कमल ने कहा कि मोटर व्हीक्ल कराधान अधिनियम 3 (ए) में प्रावधान है कि अगर गाड़ी जीरो किलोमीटर दूरी तय कर रही है तो कोई भी टैक्स नहीं देना होगा। शिमला शहरी बस ऑपरेटर यूनियन के महासचिव सुनील चौहान ने प्रदेश सरकार से प्राइवेट बसों के ड्राइवर कंडक्टरों के लिए मुआवजा जारी करने की मांग की है।
चौहान का कहना है कि 22 मार्च को जनता कर्फ्यू के दिन बसें खड़ी थीं और इसी दिन सरकार ने सभी बसों के संचालन पर आगामी आदेशों तक रोक लगा दी थी। बस ऑपरेटरों का कहना है कि जब तक स्थिति सामान्य नहीं हो जाती और सरकार बसों के संचालन की अनुमति नहीं देती बसें खड़ी रखी जाएंगी।
बीएस-4 बसों के लिए बढ़ाई जाए रजिस्ट्रेशन अवधि
बस ऑपरेटरों ने मांग की है कि हिमाचल प्रदेश में बीएस -4 वाहनों की रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि 31 मार्च रखी है, लेकिन कुछ बस ऑपरेटरों की बसें अभी भी बॉडी लगकर तैयार नहीं हुई हैं। इस कारण बीएस -4 की बसें 31 मार्च से पहले नहीं आ सकेंगी। इसलिए बीएस-4 वाहनों की रजिस्ट्रेशन की अवधि बढ़ाई जाए।
अनुराग ठाकुर को पत्र लिखकर मांगी छूट
प्राइवेट बस ऑपरेटर यूनियन के प्रदेश महासचिव रमेश कमल ने केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर को पत्र लिखकर बसों की किस्तों पर लगने वाले ब्याज में छूट देने की मांग की है। रमेश कमल ने कहा कि कोरोना वायरस के मद्देनजर लगाए गए कर्फ्यू के दौरान बस सेवा बंद है, ऐसी स्थिति में सरकार को बसों की किस्तों पर लगने वाले ब्याज में छूट देने का एलान करना चाहिए।