गेयटी थियेटर में आयोजित नृत्योत्सव के तीसरे दिन चेन्नई की लक्ष्मी पार्थ सारथी ने मधुर भक्ति तथा किरण सहगल और पल्लवी ने ओडिसी, नृत्य संगीत विद्यालय दिल्ली के सदस्यों ने रामायण की प्रस्तुति दी।
किरण सहगल ने अपनी प्रस्तुति में ओडिसी शैली में नूत्य के माध्यम से रामायण धार्मिक ग्रंथ की घटनाओं को अपनी भाव भंगिमाओं से बखूबी पेश किया।
नाट्योत्सव के तीसरे दिन प्रधान मुख्य लेखाकार राम मोहन जौहरी ने कलाकारों की प्रस्तुतियों का भरपूर आनंद लिया और उसे सराहा। अपनी प्रस्तुति में लक्ष्मी पार्थ ने अंजली से शुरुआत की।
इसमें उन्होंने भरत नाट्यम नृत्य शैली के माध्यम से रामायण में सीता और हनुमान के बीच हुए संवाद, लंका दहन, लक्ष्मी के मूछिर्त होने पर भगवान हनुमान द्वारा संजीवनी लाने की घटना को दिखाया।