खुशहाला महावीर मंदिर शोघी में करवाई जा रही भागवत कथा
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। खुशहाला महावीर मंदिर शोघी में भागवत कथा के दौरान भगवान श्रीराम और सुग्रीव की मित्रता, बाली वध और शूर्पणखा प्रसंग का वर्णन किया गया। कथा में बताया गया कि किस प्रकार भगवान श्रीराम ने सुग्रीव की सहायता कर उन्हें बाली के अत्याचारों से मुक्ति दिलाई।
कथावाचक पंडित रामेश्वर शर्मा ने बताया कि हनुमान ने भगवान श्रीराम का परिचय सुग्रीव से करवाया। इसके बाद सुग्रीव और बाली के बीच युद्ध हुआ जिसमें बाली ने सुग्रीव को बुरी तरह पराजित किया। इसके बाद सुग्रीव ने भगवान श्रीराम के पास पहुंचकर उनसे सहायता मांगी और पूछा कि उन्होंने बाली का वध क्यों नहीं किया। भगवान श्रीराम ने बताया कि युद्ध के दौरान दोनों भाइयों की पहचान नहीं हो पाने के कारण बाण नहीं चला सके। इसके बाद श्रीराम ने सुग्रीव के गले में पहचान के लिए माला डाल दी। दोबारा युद्ध होने पर भगवान श्रीराम ने बाली का वध कर सुग्रीव को न्याय दिलाया। कथा में आगे शूर्पणखा प्रसंग का वर्णन करते हुए बताया गया कि शूर्पणखा भगवान श्रीराम के पास विवाह का प्रस्ताव लेकर पहुंची। श्रीराम ने स्वयं को विवाहित बताते हुए उसे अपने अनुज लक्ष्मण के पास जाने को कहा। लक्ष्मण ने क्रोधित होकर शूर्पणखा की नाक काट दी। अपमानित शूर्पणखा ने रावण के पास पहुंचकर अपनी व्यथा सुनाई। इसके बाद रावण ने अपने राक्षसों को आदेश दिया जिसके परिणामस्वरूप भगवान श्रीराम और राक्षसों के बीच संघर्ष हुआ और राक्षसों का अंत हुआ।
मंदिर समिति के महासचिव प्रेम ठाकुर ने बताया के कथावाचक ने कथा के माध्यम से श्रद्धालुओं को भगवान श्रीराम के आदर्शों, धर्म की रक्षा और अधर्म पर धर्म की विजय का संदेश दिया गया। कथा सुनने के बाद सभी श्रद्धालुओं को प्रसाद बांटा गया।