कैंसर से लड़ने वाली जापान की अप्रूवड ड्रग लैंटाइनन के मुख्य स्रोत और औषधीय गुणों से भरपूर शिटाके-388 एस मशरूम को अब आप महज 45 दिन में अपने घर या किचन गार्डन में उगा सकते हैं। मशरूम सिटी सोलन के खुंब अनुसंधान निदेशालय के वैज्ञानिकों ने दो सालों की कड़ी मेहनत के बाद इस किस्म का अनोखा बीज तैयार किया है।
पेड़ों के बुरादे से तैयार छोटे बैग्स में इस मशरूम को तैयार किया जा सकेगा। जबकि पारंपरिक और अन्य विधियों से मशरूम को उगाने में 90 दिन लगते हैं। अब इस मशरूम को आप कहीं भी आसानी से नियंत्रित तापमान में उगा सकते हैं। वैज्ञानिकों के
मुताबिक यह मशरूम एंटी ऑक्सीडेंट, एंटी ऐजिंग के गुणों के साथ-साथ विटामिन डी का भी काफी अच्छा स्रोत है। यह विशेष बीज मशरूम रिसर्च सेंटर या सब सेंटर में ही उपलब्ध रहेगा। शीशम और सफेदे का बुरादा गीला करके उसमें 20 फीसदी चोकर मिलाई जाती है।