हिमाचल के अस्पतालों में दवाइयां न होने पर प्रदेश सरकार ने सभी मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) व मेडिकल अधिकारियों (एसएमओ) से जवाब तलब किया है। स्वास्थ्य निदेशक ने जोनल अस्पताल धर्मशाला, शिमला, मंडी के अलावा क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर, चंबा, हमीरपुर, कुल्लू, सोलन, सिरमौर,
नाहन, ऊना सहित सिविल अस्पताल रोहडू, पालमपुर के सीएमओ और मेडिकल अफसरों को नोटिस जारी किया है। इन अस्पतालों में निशुल्क दवाइयां न मिलने से लोगों को मेडिकल स्टोर में दवाइयां खरीदनी पड़ रही हैं। मरीजों की शिकायत के चलते सरकार ने सख्ती दिखाई है।
स्वास्थ्य निदेशक की ओर से अफसरों को यह नोटिस 19 तारीख को भेजे गए हैं। साथ ही इसकी एक कॉपी अतिरिक्त मुख्य सचिव (स्वास्थ्य) आरडी धीमान को भी भेजी है। अस्पतालों में दो सौ से अधिक दवाइयां निशुल्क दी जाती हैं। इनमें लगभग सभी तरह की दवाइयां शामिल होती हैं। सरकार को संदेह है कि स्टोर में दवाइयां उपलब्ध होने के बावजूद इन्हें मरीजों को क्यों नहीं दिया जा रहा है।
जेनेरिक दवाइयां ही लिख सकते हैं डॉक्टर
सरकार ने डॉक्टरों को जेनेरिक दवाइयां लिखना ही अनिवार्य किया है। साथ ही डॉक्टरों को ये निर्देश भी दिए हैं कि सिर्फ वही दवाइयां बाहर से लिखी जानी चाहिए, जो इन केंद्रों में उपलब्ध नहीं होंगी। बाकायदा, इसके लिए डॉक्टरों को मौजूदा दवाइयों की सूची भी दी गई है।