क्रिप्टो करेंसी मामले में गिरफ्तार आरोपी हेमराज और सुखदेव ने पुलिस की विशेष जांच टीम (एसआईटी) के समक्ष पूछताछ में कई बड़े खुलासे किए हैं। आरोपियों ने बताया कि हिमाचल प्रदेश समेत बाहरी राज्यों के करीब 50 हजार लोगों ने क्रिप्टो करेंसी में पैसा लगाया है। यही नहीं, प्रदेश के बागवानों ने भी एक साल में पैसा दोगुना होने के लालच में पैसा निवेश कर दिया।
इस मामले का मुख्य सरगना मंडी का सुभाष फरार है। बताया जा रहा है कि वह दुबई में है। आरोपियों के झांसे में नेता और अधिकारी भी फंसे हैं। क्रिप्टो करेंसी के नाम से ठगी करने वाले आरोपियों की चेन बड़ी लंबी है। हर राज्यों में इनके एजेंट हैं। ठगी का यह खेल उत्तर प्रदेश, राजस्थान से चलता है। पुलिस की अलग-अलग टीमें आरोपियों की पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में तलाश कर रही हैं।
जल्द ही इसमें और गिरफ्तारियां होंगी। इस गोरखधंधे में कई महिलाएं भी शामिल हैं। क्रिप्टो करेंसी के शातिरों की हिमाचल प्रदेश के अलावा पंजाब, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, चंडीगढ़ में भी संपत्तियां है। बताया जा रहा है कि पकड़े गए दो आरोपी 50 करोड़ से ज्यादा संपत्ति के मालिक हैं।
उनसे पूछताछ के बाद एसआईटी ने बीते शनिवार को हिमाचल प्रदेश, पंजाब और चंडीगढ़ में 35 स्थानों पर दबिश दी थी। कांगड़ा, मंडी, ऊना, चंबा, हमीरपुर, बिलासपुर, शिमला और सोलन जिले के बद्दी में आरोपी और संदिग्ध व्यक्तियों के आवासीय परिसरों में तलाशी ली है। एसआईटी प्रमुख डीआईजी अभिषेक दुल्लर ने बताया कि 50 हजार से ज्यादा लोग ठगी का शिकार हुए हैं।
पुलिस के पास पहुंचीं 70 शिकायतें
एसआईटी के पास अब तक 70 शिकायतें मिल चुकी हैं, जबकि 8 केस दर्ज हैं। अभी भी कई लोग आपबीती नहीं बता रहे हैं।
एक हजार करोड़ से ज्यादा की ठगी
यह ठगी एक हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की हो सकती है। अब तक पुलिस की जांच में 70 करोड़ की ठगी सामने आ चुकी है। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे घोटाले की राशि बढ़ती जा रही है।