क्रिप्टोकरेंसी के नाम पर ठगी करने वाले दो आरोपी हरियाणा और पंजाब में छिपे हैं। ये आरोपी बार-बार अपना स्थान बदल रहे हैं। दोनों हिमाचल के ही हैं। इन आरोपियों ने एजेंट के तौर पर लोगों से ठगी की है। इनकी दो करोड़ से ज्यादा की संपत्तियां हैं। हालांकि एसआईटी ने छापा मारकर इनका रिकॉर्ड कब्जे में लिया है। पुलिस के पास जिन ढाई लाख फर्जी आईडी की डिटेल है, उसमें इनके नाम-पते और फोन नंबर हैं। एसआईटी का दावा है कि इन आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी होगी।
एसआईटी ने इनको पकड़ने के लिए दो बार दबिश दी है, लेकिन पुलिस को चकमा देकर ये भागने में सफल हो रहे हैं। दस्तावेज खंगालने और पूछताछ में यह भी पता चला है कि कई आरोपियों ने ठगी का पैसा सोना और चांदी खरीदने में भी निवेश किया है। क्रिप्टोकरेंसी ठगी मामले में सुखदेव, हेमराज, सुभाष और अभिषेक मुख्य आरोपी हैं।
50 से ज्यादा एजेंट हैं, जिन्होंने चेन बनाकर मोटी कमीशन बनाई है। लोगों को निवेश करने के लिए एजेंटों ने भी कोई कसर नहीं छोड़ी है। सगे-संबंधियों सहित पड़ोसियों ने भी जिंदगी भर की कमाई लुटा दी है। अब ये लोग पैसा वापस होने की उम्मीद लगाए बैठे हैं। पुलिस हिरासत में हैं सभी 19 आरोपीक्रिप्टोकरेंसी ठगी मामले में अब तक पुलिस एसआईटी ने 19 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
इसमें 8 आरोपियों की संपत्तियों को सीज किया गया है। यह संपत्ति 19 करोड़ रुपये की है। पुलिस एसआईटी का मानना है कि अन्य आरोपियों की की संपत्तियों को भी खंगाला जा रहा है। दो करोड़ रुपये से अधिक संपत्ति वाले सभी एजेंटों की जांच होगी।
छह आरोपियों की जमानत याचिका खारिज
क्रिप्टोकरेंसी ठगी मामले में हाईकोर्ट ने शुक्रवार को छह आरोपियों की जमानत याचिका खारिज की है। पुलिस एसआईटी की ओर से गिरफ्तार राधिका, दिग्विजय, अमित, परसराम, केवल संजय ने जमानत याचिका लगाई थी। इससे पहले भी हाईकोर्ट ने दो आरोपियों की जमानत याचिका रद्द की थी।