सीबीआई की शिमला शाखा ने सोमवार को हिंदुस्तान पेट्रोलियम कंपनी लिमिटेड के तीन अधिकारियों समेत कई लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी व षड्यंत्र रचने का मुकदमा दर्ज किया है।
हाईकोर्ट के आदेश पर दर्ज मामले में बठिंडा स्थित कंपनी के डिपो से नालागढ़ पेट्रोलियम उत्पादों के परिवहन के दौरान करोड़ों रुपये की कीमत के उत्पादों की चोरी की बात सामने आई है।
प्रारंभिक जांच के मुताबिक कंपनी के अधिकारी ट्रांसपोर्टरों के साथ मिलकर चोरी को अंजाम दे रहे थे। अब मामला दर्ज होने के बाद सीबीआई ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
क्या है पूरा मामला
जानकारी के अनुसार हाईकोर्ट के आदेश पर सीबीआई ने बठिंडा स्थित एचपीसीएल के तत्कालीन ऑपरेशन ऑफिसर नमन जैन, ऑपरेशन ऑफिसर ऋषभ वर्मा, सिक्योरिटी सुपरवाइजर गुरमेल सिंह के अलावा ट्रांसपोर्टरों, टैंक ट्रक चालक, परिचालक व कंपनी के अन्य सदस्यों व निजी कर्मियों के खिलाफ 120बी,
420, 407, 409, 13(2), 13(1)(सी) व (डी) की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। आरोप है कि बठिंडा डिपो से नालागढ़ तक पेट्रोलियम उत्पादों के परिवहन के दौरान ट्रांसपोर्टरों के साथ मिलकर साजिश के तहत मार्च 2016 से दिसंबर 2016 के बीच पेट्रोलियम उत्पादों की चोरी की थी।
इस मामले में एचपीसीएल के शिमला में तैनात सीनियर रीजनल मैनेजर ने मामले में ट्रांसपोर्टरों को नोटिस जारी किया था जिसके बाद जांच में चोरी की बात सामने आई थी।
खास बात यह है कि प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई थी कि टैंक ट्रकों के कंपार्टमेंट लीक थे और कुछ पूरी तरह खाली भी नहीं किए जा रहे थे। इस बहाने हर बार लाखों रुपये का पेट्रोलियम उत्पाद चोरी किया जा रहा था। इसके अलावा डिपो के अधिकारियों ने बिना बिल के वाहनों का परिचालन होने दिया।
इस पूरे खेल में आरोपियों ने करोड़ों का घपला किया था। इस मामले में कंपनी के पक्ष में हाईकोर्ट ने सीबीआई को जांच के आदेश जारी किए थे। जिसके बाद सीबीआई ने प्रारंभिक जांच की जिसमें करोड़ों की चोरी की बात सामने आई। अब सीबीआई मामले की जांच में जुट गई है।