पहले फसलों की बिजाई किसान समय पर नहीं कर पाए। अब फसलों की कटाई के दौरान तेज हवाओं के साथ हुई बारिश व ओलावृष्टि ने किसानों की गेहूं की 20 फीसदी फसल तबाह कर दी है। जनजातीय जिला किन्नौर में पांगी नाले के पास पहाड़ी दरकने से एनएच पांच पर 20 घंटे तक वाहनों के पहिये थमे रहे। बुधवार को पहाड़ी दरकने से मार्ग अवरुद्ध हो गया था।
एनएच बाधित होने से रिकांगपिओ और शिमला से पूह-काजा और पूह-काजा से शिमला की ओर वाहनों की आवाजाही बाधित रही। गुरुवार दोपहर बाद मार्ग वाहनों की आवाजाही के लिए खुला। जिला कुल्लू में बुधवार रात को भारी बारिश होने से जगह-जगह भूस्खलन हुआ। इस कारण कई जगहों पर मार्ग अवरुद्ध रहे। मूसलाधार बारिश के कारण औट-लारजी-सैंज मार्ग 12 घंटे तक प्रभावित रहा। सैंज की एक दर्जन से अधिक पंचायतों के लोगों को परेशान होना पड़ा। बुधवार रात को अंधड़ चलने से राजधानी शिमला के कई क्षेत्रों में बिजली सप्लाई रात भर ठप रही।
जिला मंडी के बलद्वाड़ा में अंधड़ के कारण ग्राम पंचायत समैला के दर्जनों गांवों में बुधवार शाम सात बजे से लेकर सुबह 8 बजे तक बिजली बाधित रही। गुरुवार को ऊना में अधिकतम तापमान 38.4, शिमला में 25.4, सुंदरनगर में 33.6, भुंतर में 30.2, धर्मशाला में 28.6, नाहन में 31.5, सोलन में 30.0, कांगड़ा में 34.9, बिलासपुर में 35.0, हमीरपुर में 33.6, चंबा में 32.0 और केलांग में 15.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ।