कांग्रेस के पूर्व विधायक नीरज भारती (फाइल फोटो)
उन्होंने लिखा कि विधायकों और पूर्व विधायकों को सार्वजनिक जीवन में होने के चलते बहुत से खर्चे उठाने पड़ते हैं। घर आए लोगों को चाय-पानी भी पूछना पड़ता है। खाना भी खिलाना पड़ता है। कभी किसी जरूरतमंद की अपनी खुद की जेब से भी मदद करनी पड़ती है। कोई बीमार हो या किसी गरीब लड़की की शादी हो उसमें भी मदद करनी पड़ती है।
फिर भी जो अभी मिल रहा है, मैं समझता हूं वो कम नहीं है। भारती ने लिखा है कि मैं जानता हूं बहुत से विधायकों और मेरे साथी पूर्व विधायकों को मेरी बात बुरी लगेगी पर जो सच्चाई है मैं वही बोल रहा हूं। उधर, आम जनता ने भी कई पोस्ट डाले हैं। रोहड़ू के आशीष ने लिखा है अमेरिका के दो बार राष्ट्रपति रहे बराक ओबामा अब नौकरी करते हैं।
भारत में कोई एक बार विधायक बन जाए तो उसकी पांच पीढ़ियां बैठकर खाती हैं। दिनेश शर्मा ने लिखा है कि मुख्यमंत्री जी एसएमसी अध्यापकों का भी कुछ सोचो। सुदंरनगर की सरला शर्मा ने लिखा है एमपी, एमएलए बनने के लिए परीक्षा होनी चाहिए, वोटिंग नहीं। परीक्षा पास करो, तब सदन में जाओ। शिमला के अर्जुन सिंह ने पोस्ट किया कि गरीब बेरोजगार अपने परिवार के पालन पोषण को रो रहे हैं और सरकार मजे लूट रही है।
नादौन के गुलशन राणा ने हिमाचल के सभी मंत्रियों और विधायकों को बीपीएल की सूची में डालने की सलाह दी है। मुंबई से नवीन शर्मा ने लिखा है कि वेतन और भत्ते बढ़ाने हैं तो कांग्रेस विधानसभा से वाकआउट नहीं करेगी। कुल्लू की इशिना ठाकुर ने तो इस मामले पर एक कविता लिखकर पोस्ट की है।
कुल्लू की इशिना ठाकुर ने पोस्ट किया
माननीय हम कहलाएंगे
वेतन हम बढ़ाएंगे, मौज खूब उड़ाएंगे
जनता को सताएंगे
विदेश घूमने जाएंगे
बाहर हंगामा कराएंगे
अंदर मेल-जोल कराएंगे
टैक्स हम लाएंगे
भर-भर के खाएंगे
खुद शोर मचाएंगे
बाहरी कोई बोले तो चुप कराएंगे
पांच वर्ष बाद फिर रूप बदलकर आएंगे
----नहीं माननीय ही कहलाएंगे