चौड़ा मैदान स्थित हर्षा होटल के मालिक और मालकिन को बेहोश कर लाखों की कीमत का सामान लूटने वाले वेटर को हरिद्वार में पकड़ लिया है। स्मार्ट पुलिस आरोपी की शिद्दत से तलाश कर रही थी।
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आरोपी ने वारदात 15 जनवरी को अंजाम दी थी। वेटर ने अपने मालिकों को खाने में नशीला पदार्थ मिलाकर लूट लिया था। आरोपी वेटर लाखों के जेवर और नकदी पर हाथ साफ कर गया था।
आरोपी विपेंद्र उनिया (32) त्रषिकेश का रहने वाला है और बीते साल मई माह से होटल में काम कर रहा था। पुलिस टीम आरोपी को लेकर शिमला आ रहे हैं। एसपी शिमला डी डब्ल्यू नेगी ने कहा कि होटल से चोरी कर फरार हुए आरोपी वेटर को हरिद्वार में पकड़ लिया गया है।
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शिमला के चौड़ा मैदान की घटना
पुलिस के अनुसार आरोपी शिमला के एक होटल में काम करता था। वारदात शिमला के चौड़ा मैदान स्थित हर्षा होटल के एक वेटर ने अंजाम दी।
वेटर ने अपने मालिकों को खाने में नशीला पदार्थ मिलाकर लूट लिया था। आरोपी वेटर लाखों के जेवर और नकदी पर हाथ साफ कर गया। आरोपी विपेंद्र उनिया (32) त्रषिकेश का रहने वाला है और बीते साल मई माह से होटल में काम कर रहा था।
यह अलमारी से दो हीरे के कड़े, तीन बालियां, एक इंपोर्टिड घड़ी और अस्सी हजार का कैश चोरी कर ले गया था।
ऐसे अंजाम दी थी वारदात
चौड़ा मैदान स्थित हर्षा होटल के मालिक एवं एमडी ओमप्रकाश ने बताया कि वीरवार दोपहर करीब बारह बजे वह और उनकी पत्नी सरला रोज की तरह सुबह का नाश्ता कर धूप में लगाए बिस्तर पर सोने के लिए गए। उनके होटल का वेटर विपेंद्र उनिया ने खाने में नशीला पदार्थ मिलाकर उन्हें खिला दिया।
खाने के बाद बुजुर्ग दंपति बेसुध हो गए और गहरी नींद में चले गए। शाम करीब छह बजे सरला देवी की नींद टूटी और वह कमरे की तरफ गई। कमरे के दरवाजे पर पहुंचने पर उन्हें चक्कर आ गया और वह फर्श पर गिर पड़ीं।
इसी दौरान होटल की संचालक मोनिका मिश्रा का बेटा भी वहां मौजूद था जिसने सरला देवी के गिरने की खबर होटल में अपनी मां और होटल के अन्य कर्मचारियों को दी थी।
रिचार्ज करने के बहाने निकला था होटल से
मोनिका मिश्रा भी सरला देवी की मदद करने पहुंची और उन्हें उठाकर बिस्तर पर लिटाया। इसी बीच मोनिका का हाथ कमरे की अलमारी पर पड़ा जो खुली थी। अलमारी खुली होने की बात उसने होटल मालिक ओमप्रकाश को बताई।
जवाब में ओमप्रकाश ने कहा कि अलमारियां तो लॉक हैं, क्योंकि आमतौर पर ओमप्रकाश सभी अलमारियों को लॉक लगाकर चाबी अपने बिस्तर के पास बैग में रखते थे। यह सुनते ही मोनिका ने अलमारी खोली तो पता चला कि कीमती सामान चोरी हो गया है।
होटल के रिसेप्शन में कार्यरत देवी सिंह ने बताया कि विपेंद्र दोपहर के समय रिचार्ज करने के बहाने होटल से निकला था। देवी सिंह ने भी सर्फ लाने के लिए उसे बीस रुपये दिए थे लेकिन वह एक बार जाने के बाद दोबारा वापस नहीं आया।
आरोपी घर की हर जगह से वाकिफ था। होटल मालिक ओमप्रकाश शूगर के पेशेंट हैं और वह विपेंद्र से अपनी दवाओं सहित अन्य सामान मंगवाते रहते थे।
इसी कारण आरोपी घर में कौन सा सामान कहां रखा है इसे अच्छी तरह जानता था। इसका उसने फायदा उठाया।
पुलिस में नहीं करवाया था पंजीकरण होटल मालिक की ओर से नौकरी पर रखने से पहले विपेंद्र का थाने में रजिस्ट्रेशन नहीं करवाया था। हालांकि उनके पास आरोपी के पहचान संबंधी सभी दस्तावेज मौजूद थे।