आबकारी एवं कराधान विभाग में डिप्टी कमिश्नर एक्साइज एंड टेक्सेशन (मुख्यालय) गीता सिंह के खिलाफ अब कोर्ट में केस चलेगा। विजिलेंस ने गीता सिंह के खिलाफ दर्ज मामले की जांच पूरी कर सरकार से अभियोजन की मंजूरी मांगी है।
विजिलेंस की सोलन टीम ने गीता सिंह को डिप्टी कमिश्नर एक्साइज एंड टेक्सेशन (फ्लाइंग स्क्वायड) परवाणू रहते हुए एक लाख रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा था।
14 फरवरी 2012 को विजिलेंस की सोलन टीम ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया था। कंपनी के सीए की शिकायत के बाद विजिलेंस ने महिला अधिकारी को रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था।
छापेमारी कर विजिलेंस ने किया था गिरफ्तार
विजिलेंस के मुताबिक गीता सिंह ने एक कंपनी की सेल टैक्स रिटर्न और सालाना वैट रिटर्न के मामले को सुलझाने के लिए एक लाख की मांग की थी। इसके लिए ये महिला अफसर काफी दिन से कंपनी के संपर्क में थी।
विजिलेंस को इससे पहले भी महिला अधिकारी के खिलाफ रिश्वत लेने को लेकर शिकायतें मिल चुकी थीं। बताया जाता है कि महिला रिश्वत के पैसों को हाथ नहीं लगाती थी।
इसके लिए बाकायदा अपनी टेबल की दराज में चिमटा रखा होता था। इसी चिमटे से ये रिश्वत के पैसे पकड़ती थी ताकि नोटों का रंग उसके हाथों पर न लग जाए। साथ ही कोई सबूत न बचे इसके लिए भी चिमटा ही चलाती थी।
पहले भी लग चुके थे रिश्वत मांगने के आरोप
विभाग के शिमला स्थित मुख्यालय में कार्यरत रहने के दौरान भी उन पर चिमटे से रिश्वत लेने के आरोप लगे थे। तत्कालीन विजिलेंस प्रमुख एडीजीपी केसी सडयाल ने भी गीता सिंह के चिमटे से रिश्वत लेने की बात कही थी।
विजिलेंस की गिरफ्तारी के बाद विभाग ने कार्रवाई करते हुए उन्हें नौकरी से निलंबित किया था। कई दिन तक पुलिस रिमांड पर रहने के बाद उन्हें कोर्ट से जमानत मिली।
एसपी विजिलेंस एसआर सुरेंद्र वर्मा ने मामले को अभियोजन की मंजूरी के लिए भेजने की पुष्टि की है।