हिमाचल प्रदेश के शिमला में अप्राकृतिक यौनाचार के मामले में भाजपा के एक बड़े नेता का नाम जांच में जुड़ सकता है। महिला से हो रही पूछताछ के दौरान कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं।
महिला का कहना है कि घटना वाले दिन जब वह कमरे से बाहर निकली तो विधानसभा परिसर में भाजपा नेता वहां मौजूद लोगों की फरियाद सुन रहे थे। वह भी उनके पास गई और अपनी आपबीती सुनाई।
महिला का आरोप है उसकी शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया गया, केवल आश्वस्त करके भेज दिया गया कि आप जिस काम के लिए आई हैं वह हो जाएगा। हालांकि महिला की यह स्टेटमेंट अभी आन रिकार्ड नहीं है, संभव है वह इसे रिकार्ड करवाने से हिचक रही हो।
केस में गवाह बना सकती है पुलिस
मामला सामने आने के बाद पीड़ित महिला पर सवाल उठने शुरू हो गए थे कि आखिर वह इतने साल चुप क्यों रही और किसी को बताया क्यों नहीं? इसी पर महिला ने यह जानकारी पुलिस को दी।
उसका दावा है कि वह वारदात के बाद सबसे पहले विधानसभा परिसर में ही राज्य के एक बड़े नेता के पास शिकायत लेकर पहुंची थी। हालांकि महिला ने इस बात का जिक्र एफआईआर में नहीं किया है।
पीड़ित महिला का अभी सप्लिमेंट्री बयान होना है। संभव है कि अगर महिला अपनी इस बात पर टिकी रही और बयान में यह रिकार्ड हो गया तो पुलिस उस राज नेता को भी गवाह के तौर पर आसानी से केस में जोड़ लेगी।
कांउसलिंग के लिए दो दिन अस्पताल में दाखिल रही
पीड़िता दो दिन तक आईजीएमसी अस्पताल में काउसलिंग के लिए दाखिल रही। साइकेट्रिक विभाग के तहत उसे वार्ड में डाक्टरों की निगरानी में रखा गया।
शनिवार को उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। महिला बीते दो साल से मानसिक अवसाद में जी रही थी। उसे मनोचिकित्सक की बेहद जरूरत थी जो उसकी जिंदगी सामान्य बनाने में मददगार साबित हो।
मनोचिकित्सक की ओर से मरीज की हालत में सुधार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।