कोटखाई थाने में दर्ज एफआईआर के अनुसार 27 बागवानों को 1,75,88,409 रुपये की राशि बीते चार वर्षों से एक आढ़ती ने नहीं लौटाई। इसके अलावा इसी थाने में दूसरी एफआईआर में 4 बागवानों ने केस दर्ज करवाया है।
इसमें आरोप है कि एक आढ़ती ने उनके 78,134 रुपये दबा रखे हैं। उधर, ठियोग थाने में भी दो एफआईआर दर्ज की गई हैं। एक एफआईआर में आरोप है कि एक आढ़ती ने 15 बागवानों की करीब 23,50,000 रुपये बकाया राशि नहीं लौटाई है।
दूसरी एफआईआर में पांच बागवानों ने शिकायत दर्ज करवाई है कि 16,34,147 रुपये आढ़ती से लेने हैं। उधर, किसान संघर्ष समिति सचिव संजय चौहान ने कहा कि आज प्रदेश के हजारों किसानों और बागवानों की करोड़ों की बकाया राशि मंडियों में विभिन्न आढ़तियों के पास फंसी है, लेकिन एपीएमसी और अन्य प्रशासनिक विभागों की लचर कार्यप्रणाली से इस पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही।
किसान संघर्ष समिति ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि एपीएमसी दोषी आढ़तियों के खिलाफ फौजदारी मुकदमा दायर कराने के निर्देश दे। समिति ने कहा कि एपीएमसी अधिनियम 2005 को तुरंत लागू करवाने के लिए 22 अप्रैल को किसान-बागवान लामबंद होकर एपीएमसी कार्यालय शिमला एवं ढली के बाहर प्रदर्शन करेंगे।