बद्दी-बरोटीवाला मार्ग पर सिक्का होटल के समीप बाइक और ट्रक की टक्कर में 15 वर्षीय दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई है। वहीं दो को गंभीर चोटें आई हैं। चारों नाबालिग एक ही बाइक पर सवार होकर बद्दी की तरफ आ रह थे। मृतक में एक आठवीं कक्षा का छात्र था।
जबकि दूसरे ने पढ़ाई छोड़ दी थी। जख्मी अन्य दो में से एक को ईएसआईसी चिकित्सालय काठा व दूसरे को बद्दी सीएचसी में भर्ती कराया गया। घटना के बाद ट्रक चालक घटना स्थल से फरार हो गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।
बाइक पर ट्रिप्लिंग करके बद्दी आ रहे थे
पुलिस ने मरने वालों की शिनाख्त पंद्रह वर्षीय रवि और राहुल के रूप में की है। वहीं घायलों की पहचान रीपू और रोहित के रूप में हुई है। मृतक राहुल और रोहित दोनों सगे भाई हैं।
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक बद्दी पुलिस थाने के समीप किराए के मकान में रहने वाले बिहार के बलिया निवासी दो सगे भाई रोहित व राहुल अपने साथी रवि के साथ बाइक पर ट्रिप्लिंग करके बद्दी की ओर आ रहे थे।
जब वह सिक्का होटल के समीप पहुंचे तो वहां पर अपने अन्य साथी बिहार के वैशाली जिले के मुकुंदपुर निवासी रिपू को देख कर रुक गए और उसे पीछे बैठा लिया।
टायर के नीचे कुचले गए दोनों
अभी वह पूरी तरह से बैठा भी नहीं था कि पीछे से एक ट्रक एचपी 12 डी-5292 ने बाइक को टक्कर दे मारी। रवि ट्रक के अगले टायर के नीचे व राहुल पिछले टायर के नीचे आ गया जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। जबकि रिपू व रोहित के ऊपर से भी टायर घूमने से रोहित की दोनों टांगे टूट गई। सूचना मिलते ही 108 एंबुलेंस मौके पर पहुंची।
पायलट मनदीप व पीएमटी कल्पना ने राोहित को काठा चिकित्सालय पहुंचाया जबकि रिपू को बद्दी सीएचसी पहुंचाया गया। रिपू को बद्दी से पीजीआई रेफर कर दिया गया। एसपी जी शिवा कुमार ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेने के बाद पोस्टमार्टम के लिए नालागढ़ भेज दिया, जबकि घायलों को काठा व बद्दी सीएचसी में भर्ती कराया गया।
नियम ताक पर कहां है पुलिस
एक तो नाबालिग। दूसरी तरफ एक बाइक पर चार सवार। ट्रिप्लिंग करके बद्दी बरोटीवाला की सड़कों पर घूमे लेकिन इनपर पुलिस की नजर नहीं पड़ी। इसे पुलिस की बेपरवाही कहें या इस बेपरवाही के कारण बाइक राइडरों के नियम न मानने के हौसले।
दोनों युवकों की मौत बद्दी पुलिस पर कई सवाल छोड़ गई है। चर्चा है कि अगर पुलिस कहीं गश्त पर होती या सही ढंग से ड्यूटी कर रही होती तो उन्हें रोका जाता। तब शायद यह हादसा भी नहीं होता।