हिमाचल के करीब 80 बागवानों की डेढ़ करोड़ से ज्यादा की गाढ़ी कमाई लेकर गायब होने वाले तीन आढ़तियों व लदानियों को प्रदेश सीआईडी की एसआईटी ने गिरफ्तार कर लिया। एक लदानी राजस्थान का है जबकि दो अन्य शिमला के नारकंडा के हैं। तीनों से पिछले कुछ दिनों से पूछताछ चल रही थी। इस दौरान उन्होंने बागवानों को पैसा देने का आश्वासन भी दिया लेकिन कोई रकम नहीं चुकाई। इसके बाद बुधवार को जांच अधिकारियों ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। राजस्थान के लदानी अश्वनी शर्मा लंबे समय से आढ़तियों व स्थानीय लदानियों की मदद से बागवानों का उधार में सेब खरीदता और गायब हो जाता।
साल 2017 व 2018 में उसने नारकंडा निवासी रंजीत सिंह खूंड और प्रेम प्रकाश के साथ मिलकर शिमला, कुल्लू, रामपुर और किन्नौर तक के करीब 80 बागवानों से उधार में सेब उठाया। दो साल से बागवान अपने पैसे हासिल करने के लिए तीनों के चक्कर काटते रहे लेकिन वह टालते रहे। इस बीच सीआईडी के एडिशनल एसपी वीरेंद्र कालिया की अध्यक्षता वाली एसआईटी ने जांच शुरू की तो धोखाधड़ी के शिकार करीब 50 बागवानों ने टीम से संपर्क कर शिकायत दर्ज करा दी।
जांच हुई तो 80 से ज्यादा बागवान इन तीनों का शिकार मिले। सीआईडी ने लंबी छानबीन कर तीनों का पता निकाला और पिछले कुछ दिन से लगातार तीनों से ही पूछताछ कर रही थी। सूत्रों के अनुसार इस दौरान भी जब तीनों ने पैसा नहीं लौटाया तो जांच अधिकारियों ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। अब गुरुवार को तीनों को कोर्ट में पेश किया जाएगा।
अब तक 15 से ज्यादा हो चुके हैं गिरफ्तार
बागवानों से धोखाधड़ी करने वाले 15 से ज्यादा आढ़तियों व लदानियों को सीआईडी गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें कुछ महाराष्ट्र के हैं जबकि कुछ यूपी, राजस्थान और हिमाचल के हैं। जांच एजेंसी 90 से ज्यादा ऐसे मामलों की जांच कर रही है। माना जा रहा है कि जल्द ही और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं।