तहसील मुख्यालय से करीब दस किलोमीटर की दूरी पर बाल आश्रम के नाम से रखे गए तेरह बच्चों को छुड़ाया गया है। यहां से अब इन बच्चों को मशोबरा और शिमला के बाल आश्रम में भेजा गया है।
यहां आश्रम मानव सेवा संस्थान नाम की संस्था की ओर से चलाया जा रहा था। थाना प्रभारी गौरी दत्त शर्मा ने बताया कि सीडीपीओ की सूचना पर एक अवैध बाल आश्रम के ठिकाने पर वीरवार दोपहर बाद करीब एक बजे छापामारी की गई।
वहीं, बाल विकास परियोजना अधिकारी गुमान सिंह ने बताया कि मानव सेवा संस्थान के संचालक बलबीर धरमैईक ने तेरह बच्चों को एक पुराने मकान में रखा हुआ था। यहां पर बच्चों के लिए शौचालय, नहाने और बिस्तर की कोई व्यवस्था नहीं थी।
उन्होंने कहा बच्चों की देखरेख के लिए कोई केयरटेकर तक नहीं रखा गया था। बच्चे खुद लकड़ी जला कर चूल्हे पर खाना बनाते थे।
बाल विकास परियोजना अधिकारी गुमान सिंह ने बताया कि जिस घर में बच्चे रखे गए वह पुराना और गिरने वाला है। उन्होंने इस बात की पुष्टि की है कि पुड़ग पंचायत के भवाणा में छापा मार कर तेरह बच्चों को बरामद किया गया है।
उन्होंने बताया कि चार लड़कियों को मशोबरा के आश्रम और आठ लड़कों को कस्तूरबा आश्रम शिमला में भेजा गया है। एक बच्चे को उसकी मां अपने साथ ले गई है।
उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आश्रम चलाना गैर कानूनी है। संचालक के खिलाफ पुलिस में कोई मामला दर्ज नहीं किया गया है।