शिमला के रातड़ देवता मंदिर से चोरी हुई मूर्ति अष्टधातु की नहीं है। मूर्ति की बरामदगी के बाद इसे फोरेंसिक लैब जांच को भेजा था। रिपोर्ट के मुताबिक मूर्ति में अष्टधातु के सभी तत्व नहीं हैं। मूर्ति के निर्माण में कांसा और टीन इस्तेमाल हुआ है।
इसी तरह मंदिर में मौजूद चार किलो की छड़ भी सोने की नहीं है। इसमें सोने का पानी चढ़ा है। यह छड़ चांदी की है। बताया जा रहा है कि यह छड़ दशकों से मंदिर में मौजूद है। अब तक इसे सोने की ही छड़ समझा जाता रहा है।
इस मामले को पुलिस ने सुलझा लिया है चोरी के आरोपी भी पकड़े जा चुके हैं। इसकी पुष्टि एएसपी (सिटी) भजन देव नेगी ने की। पुलिस के मुताबिक चोर मंदिर में रखी मूर्ति और सोने चांदी को समेटकर चलते बने।