‘बंटी और बबली’ फिल्मी तर्ज पर शातिर दंपत्ति ने दोबारा एक परिवार को लूट लिया। दोनों पैसा और जेवर समेटकर फरार हैं। पहले परिवार के साथ जान पहचान बढ़ाई और उनका भरोसा जीतकर घर में मेहमान बनकर आने लगे।
मौका मिलते ही घर से 25 हजार नकद और एक लाख के जेवर ले उड़े। डाकघर मालरोड पर कार्यरत ईश्वर दत्त भारद्वाज की पत्नी को पहली मर्तबा बीते साल जनवरी में आरोपी युवती मिली और उसने खुद को पंजाब का बताया।
जान पहचान हुई और उस युवती को लेकर वह सरकारी आवास पीएटी कालोनी में ले गई।
घर खाली पाकर कर डाली चोरी
कुछ माह बाद वह फिर से शिमला आई और उसके साथ एक युवक भी था। इनकी फिर मुलाकात हुई। वीरवार को ये दोनों शिमला आए और पीएनटी कालोनी पहुंचे। लेकिन वहां ईश्वर दत्त थे। उन्होंने कहा कि उनकी पत्नी यहां नहीं है।
वह गांव चली गई है। पता पूछने के बाद दोनों आरोपी शिमला से करीब तीस किलोमीटर दूर थाना सुन्नी के तहत आने वाले घैणी गांव में पहुंच गए। मेहमान समझकर महिला ने दोनों की घर में खूब आवभगत की। महिला घर में अकेली थी।
शुक्रवार को उसे गांव में ही एक समारोह में जाना था। आरोपियों ने उससे कहा कि वह भी थोड़ा रेस्ट करके शिमला निकल जाएंगे। महिला के जाते ही आरोपी घर के भीतर दाखिल हुए और खिड़की की जाली उखाड़कर कमरे के भीतर दाखिल हुए अलमारी में रखे जेवर और नगदी लेकर फरार हो गए।
पहले भी ऐसे ही अंजाम दी थी वारदात
वारदात को अंजाम देने वाली बंटी बबली की यह जोड़ी कोई और नहीं मधुबाला और उसका प्रेमी है। पीड़ित परिवार के मुखिया ईश्वर सिंह भारद्वाज ने जो फोटो पुलिस को दी है यह फोटो मधुबाला की है। इसके खिलाफ थाना ढली में भी इसी तरह का मुकदमा दर्ज है। जनवरी 2013 में भट्टाकुफर में चंद्र सिंह ठाकुर के घर में बतौर किरायेदार आए थे।
कुछ दिनों बाद मकान मालिक का विश्वास जीत कर उन्हें नशीला बर्थ डे केक खिलाकर घर से लाखों के जेवरात और नगदी लेकर फरार हो गए थे। मधुबाला घुमारवीं बिलासपुर की रहने वाली है।
पुराने केस में पुलिस ने मधुबाला को अमृतसर और उसके प्रेमी कमल उर्फ हनी सिंह को डंगार, घुमारवीं बिलासपुर से हिरासत में लिया गया था। जमानत पर रिहा होने के बाद फिर से भोले भाले लोगों को निशाना बना रहे हैं।