दरअसल साल 2014 में कर चोरी का मामला सामने आने के बाद से टेक्नोमैक कंपनी के प्रबंधन से जुड़े अधिकारी फरार चल रहे थे। सीआईडी सूत्रों की मानें तो गिरफ्तार किए गए विवेक लाल पर पिछले बीस दिन से जांच टीम दबाव बनाए थी।
तीन बार उसके दिल्ली स्थित कार्यालय पर दबिश देकर पेश होने की चेतावनी दी गई थी, जिसके बाद शनिवार को वह जांच अधिकारियों के सामने पेश हुआ। करीब चार घंटे की पूछताछ के बाद जांच अधिकारियों ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
एसपी सीआईडी संदीप धवल ने बताया कि पूछताछ में कंपनी के डीजीएम ने स्वीकार किया है कि जो फर्जी बिल, टर्न ओवर और गलत बैलेंस शीट के अलावा अन्य दस्तावेज तैयार किए थे, उन पर इसने ही हस्ताक्षर किए थे।
इसके अलावा कंपनी के विभिन्न बैंकों से लिए लोन के मामले में जितनी भी फील्ड विजिट हुई, उनमें बैंक अधिकारियों को इसी ने अटेंड किया।