वाराणसी के चर्चित सोयेपुर जहरीली शराब कांड के मुख्य आरोपी महेश जायसवाल के पिता बचनू जायसवाल (70) की सिर कूच कर शनिवार की देर रात संदहां स्थित घर में हत्या कर दी गई। रविवार की सुबह सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची।
महेश की तहरीर पर चौबेपुर थाने में संदहां के रामपूजन जायसवाल, सोयेपुर के रामजतन राजभर और पांच अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। पूछताछ के लिए तीन लोग हिरासत में लिए गए हैं। जमीन विवाद, पुरानी रंजिश और सोयेपुर शराब कांड से जोड़कर पुलिस मामले की तफ्तीश में जुटी है।
संदहां निवासी बचनू के घर पर रविवार की सुबह सात बजे के लगभग ग्वाला विनोद यादव दूध देने पहुंचा था। विनोद ने देखा कि गेट पर ही बचनू औंधे मुंह पड़े थे। चारों तरफ खून फैला था। विनोद के शोर मचाने पर आसपास के लोग आए और सूचना पुलिस को दी।
डॉग स्क्वॉयड और फोरेंसिक टीम के साथ पहुंची चौबेपुर पुलिस के अनुसार बचनू के सिर पर ईंट, रॉड और डंडा से वार कर हत्या की गई। डॉग स्क्वॉयड घर के आगे-पीछे चक्कर काट कर रुक गया। वारदात की जानकारी मिलने पर पहड़िया स्थित आवास से महेश जायसवाल व भाई मनोज जायसवाल, मां हीरावती देवी सहित परिवार के अन्य लोग संदहां स्थित घर पहुंचे।
थानाध्यक्ष चौबेपुर ने बताया कि तीन लोगों से पूछताछ की जा रही है। पुरानी रंजिश, जमीन विवाद सहित अन्य बिंदुओं पर तफ्तीश की जा रही है। बता दें कि 17 फरवरी 2010 को सोयेपुर में जहरीली शराब पीने से 28 लोगों की मौत हो गई थी।
30 साल पहले बचनू को मारी गई थी गोली
बचनू की हत्या की तफ्तीश कर रही पुलिस के अनुसार वारदात के दौरान घर पर दो पालतू कुत्ते भी थे लेकिन वो भौंके नहीं। पुलिस का मानना है कि हत्यारे करीबी और परिचित थे इसी वजह से कुत्ते उन्हें देख कर नहीं भौंके।
उधर, संदहां के ग्रामीणों ने आशंका जताई कि सोयेपुर जहरीली शराब कांड में हुई मौतों और वहां की जमीन को लेकर जारी विवाद की रंजिश में बचनू की हत्या की गई है। वहीं, कुछ लोग वारदात को मनबढ़ों की करतूत बता रहे थे।
गांव के बुजुर्गों का कहना था कि 30 साल पहले बचनू को गोली मारी गई थी लेकिन तब वह बच गए थे। वहीं, चौबेपुर पुलिस के अनुसार भांग के ठेके के लाइसेंसी रहे बचनू से जुड़े सभी विवादों की पड़ताल की जा रही है।
घटना का जल्द खुलासा करे पुलिस
बचनू की हत्या की जानकारी पाकर प्रदेश के राज्य मंत्री अनिल राजभर संदहां पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया और चौबेपुर थानाध्यक्ष को वारदात का जल्द खुलासा करने का निर्देश दिया। इससे पहले एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने घटनास्थल का मुआयना किया और चौबेपुर थानाध्यक्ष को कातिलों की गिरफ्तारी की ताकीद की।