योगाचार्य स्वामी गौरीश्वरानंद पुरी ने आरोप लगाया है कि सीआईडी की जांच रिपोर्ट पर भी शिमला पुलिस उनकी शिकायत पर मामला दर्ज नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि लक्ष्मी नारायण मंदिर लोंगवुड के एक पुजारी ने उन पर जानलेवा हमला किया। यही नहीं उनसे 42 हजार रुपये की भी ठगी की। इस मामले की शिकायत उन्होंने डीजीपी से की तो उन्होंने सीआईडी से छानबीन करवाई। सीआईडी की जांच रिपोर्ट में भी ये आरोप सही पाए गए हैं।
सीआईडी ने भी मामला दर्ज करने की सिफारिश की है, मगर इसके बावजूद चार महीने बाद भी एफआईआर दर्ज नहीं की जा रही है। स्वामी गौरीश्वरानंद ने ये आरोप प्रेस क्लब शिमला में पत्रकार वार्ता में लगाए। प्रेस वार्ता के दौरान ही स्वामी गौरीश्वरानंद पुरी ने सीआईडी की ओर से शिमला पुलिस को भेजे पत्र की प्रतियां भी बांटीं।
स्वामी ने कहा कि उन्होंने डीजीपी संजय कुमार को शिकायत की थी कि उन्हें शारीरिक, मानसिक, आर्थिक रूप से नुकसान पहुंचने और उनकी मर्यादा को हानि पहुंचाने के इस मामले में आरोपी को दंडित किया जाए। पुरी ने कहा कि सीआईडी के पुलिस अधीक्षक अपराध अशोक कुमार की ओर से पुलिस अधीक्षक शिमला में जारी पत्र में भी ये बात है कि सीआईडी के पुलिस स्टेशन भराड़ी के एसएचओ ने इस मामले में जांच की है।
जांच अधिकारी ने रिपोर्ट दी है कि 42 हजार रुपये की ठगी करने के आरोप सिद्ध हो चुके हैं। इस बारे में बालूगंज पुलिस थाने में भी रपट लिखी जा चुकी है, लेकिन मामला दर्ज करने के बजाय इसकी जानकारी दैनिक डायरी में ही लिखी गई है। सीआईडी के एसपी ने इस बारे में एसपी शिमला से 42 हजार रुपये चुराने के मामला दर्ज करने की सिफारिश की है। मामला दर्ज न करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ भी उपयुक्त कार्रवाई करने को कहा है।
एसपी बोले, मामले पर करेंगे कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक शिमला डीडब्ल्यू नेगी ने कहा कि ये मामला उनके ध्यान में नहीं है। वे शुक्रवार को इस मामले को देखेंगे और अगर ऐसा कुछ है तो निश्चित तौर पर इस पर कार्रवाई करेंगे।