नकल करती बार पकड़े जाने पर यूएमसी केस बनने पर एक छात्र ने परीक्षा केंद्र से भाग कर आत्महत्या कर ली। छात्र ने भाग कर किसी जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया। जिससे उसकी मौत हो गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। मृतक पहचान विवेक वालिया (19) निवासी दरकोहली पंचायत पौंटा के रूप में हुई है।
मृतक परिवार में इकलौता था और उसकी तीन बहनें है। पुलिस के मुताबिक पौंटा स्कूल में जमा दो की राजनीति शास्त्र की परीक्षा के दौरान प्रदेश शिक्षा बोर्ड का उड़नदस्ते ने नकल रोकने के लिए दबिश दी। इस दौरान परीक्षा केंद्र में उक्त छात्र के कब्जे पाठ्य पुस्तक के 76 पन्ने पकड़े गए। जिस पर टीम की ओर परीक्षा केंद्र अधीक्षक धर्म चंद को यूएमसी केस बनाने के निर्देश दिए गए।
उत्तरपुस्तिका को फाड़ कर हो गया फरार
यूएमसी केस बनाने के लिए फार्म भरने के बाद छात्र को अधीक्षक द्वारा हस्ताक्षर करने के लिए कहा गया तो उसने ऐसा करने से इंकार कर दिया और उत्तरपुस्तिका को फाड़ दिया। छात्र भवन की पहली मंजिल से छलांग लगाकर फरार हो गया और जाहू बाजार पहुंच गया। इस बीच उसने जहरीला पदार्थ खा लिया। सीर खड्ड के समीप पहुंचने पर किसी जहरीला पदार्थ निगल लिया है। जिससे वह बेहोश हो गया। करीब डेढ़ बजे घास काट रही महिलाओं ने छात्र को देखा। शोर मचाने पर आसपास के लोगमौके पर पहुंचे और उसे निजी वाहन में सरकाघाट अस्पताल ले गए।
लेकिन उसने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। पुलिस ने अस्पताल पहुंच कर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया। डॉक्टरों का कहना है कि प्रारंभिक जांच में छात्र की मौत जहरीले पदार्थ के सेवन से हुई है। इधर, डीएसपी संजीव भाटिया ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि आईपीसी की धारा 174 के तहत मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। जांच जारी है।
नकल ने छीन लिया तीन बहनों का इकलौता भाई
नकल ने तीन बहनों के इकलौते भाई को छीन लिया है। पौंटा स्कूल में पढ़ने वाले विवेक वालिया की जिंदगी पर नकल करना भारी साबित हो गया। इकलौते बेटे की मौत से पौंटा क्षेत्र में शोक का माहौल है। शुक्रवार दोपहर इकलौते बेटे की मौत से मां प्रेमलता पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। विवेक की तीनों बहनों की शादी हो चुकी है और मां विद्युत बोर्ड में कार्यरत हैं। 19 वर्षीय विवेक मां प्रेमलता का इकलौता सहारा था। विवेक के पिता का निधन पहले ही हो गया है।
अब इस हादसे ने उसका बेटा भी लील लिया है। बेटे की मौत से मां और तीनों बहनों का रो-रो कर बुरा हाल है। विवेक अपनी बहनों और मां की आंखों का तारा था। नकल करने पर कार्रवाई की डर से भागे विवेक द्वारा आत्महत्या का कदम उठाने से हर कोई दंग है। परीक्षाएं समाप्त होने के बाद 10-10 दिन सभी बहनों के घर रहने का वायदा कर गया विवेक के इंतजार में तीनों बहनों का रो-रो कर बुरा हाल है।
मां का रो-रोकर बुरा हाल
तीनों बहनों उसकी परीक्षाएं समाप्त होने का इंतजार कर रही थी, लेकिन शुक्रवार दोपहर को हुए हादसे ने विवेक के परिजनों को झंझोड़ दिया है। विवेक की बहन सुमन ने बताया कि विवेक ने परीक्षाएं खत्म होने के बाद उनके घर आने का वायदा किया था। लेकिन अब सब खत्म हो चुका है।
मां प्रेमलता ने लाडले का शोक पूरा करने के लिए दो माह पूर्व ही उसे नई बाइक भी खरीद कर दी थी, लेकिन हादसे के बाद अब विवेक की हर चीजें उन्हें सता रही हैं। उल्लेखनीय है कि कुछ सप्ताह पूर्व संधोल क्षेत्र की एक छात्रा ने पिता की आशाओं के अनुरूप खरा न उतर पाने के डर से आत्महत्या कर ली थी।