छात्र ने 28 जून को सुबह इसकी शिकायत शिविर के इंचार्ज से की, लेकिन देर शाम तक मामले में कार्रवाई न होने पर वह शिविर से भागकर घर पहुंच गया। छात्र ने अपने अभिभावकों को मारपीट की जानकारी दी। पीड़ित छात्र के अभिभावक 29 जून को सुबह शिकायत लेकर स्कूल पहुंचे तो प्रभारी ने रिकॉर्डिंग वाले मोबाइल को छीनने की कोशिश की, लेकिन अभिभावकों ने ऐसा नहीं होने दिया और मामले की पुलिस में शिकायत कर दी।
पीड़ित ने बताया कि यह घटनाक्रम रात ग्यारह बजे से ढाई बजे तक चलता रहा, लेकिन न तो चौकीदार और न ही कैंप प्रभारी ने कोई सुध ली। डीएसपी बैजनाथ प्रताप ठाकुर ने बताया कि मामले में नौ बच्चों और एक अध्यापक के खिलाफ शिकायत मिली है। छात्र का मेडिकल करवाया गया है। मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद मामले में आगामी कार्रवाई की जाएगी।