हिमाचल हाईकोर्ट ने तिब्बती धर्मगुरु करमापा लामा से जुड़े एक निजी गाड़ी से पकडे़ गए एक करोड़ रुपये के मामले में निचली अदालत में चल रहे आपराधिक केस की कार्यवाही को जारी रखने के आदेश दिए हैं। करमापा लामा के खिलाफ चल रहे आपराधिक मामले की कार्यवाही को न्यायिक दंडाधिकारी ऊना ने हिमाचल सरकार के आवेदन पर निरस्त कर दिया था।
राज्य सरकार ने अपने आवेदन में दलील दी थी कि तिब्बती धर्मगुरु होने के नाते और भारत- तिब्बत रिश्तों को ध्यान में रखते हुए करमापा लामा पर साजिश रचने के आरोप वापस लिए जाएं। निचली अदालत ने सरकार के इस आवेदन को स्वीकार करते हुए करमापा के खिलाफ चल रहे आपराधिक मामले की कार्यवाही को 21 मई 2012 के आदेशों के तहत निरस्त कर दिया था।