ऐतिहासिक श्रीखंड यात्रा पर गए चार श्रद्धालुओं की रास्ते में ही मौत हो गई है। मरने वालों में दो महिलाएं और दो युवक हैं। एक महिला महाराष्ट्र की है, जबकि तीन लोग रामपुर इलाके के बताए जा रहे हैं।
माना जा रहा है कि इन सभी की मौत ऑक्सीजन की कमी के कारण हुई है। उधर, खराब मौसम के कारण शनिवार को फंसे करीब 500 श्रद्धालुओं को सुरक्षित राहत शिविरों में पहुंचा दिया गया है।
इनमें से कई श्रद्धालु अपने अपने घरों को लौट गए हैं। मौसम को देखते हुए प्रशासन ने शनिवार से श्रीखंड यात्रा रोक दी है। श्रीखंड महादेव 18 हजार फुट ऊंचाई पर स्थित है।
आक्सीजन की कमी से हुई मौत
जानकारी के अनुसार पदमा (52) पत्नी गोपाल कृष्ण निवासी अनु शक्ति नगर मुंबई साथियों के साथ शुक्रवार को निरमंड से श्रीखंड के लिए रवाना हुई थीं।
श्रीखंड महादेव से सात किलोमीटर पहले पार्वती बाग के पास आक्सीजन की कमी के कारण उसकी तबीयत खराब हो गई। गंभीर अवस्था में उसे वापस कैंप में लाया गया, जहां उसकी मौत हो गई।
इसी जत्थे में शामिल रामपुर क्षेत्र के शाहधार के युधिष्ठर (27) ने भी पार्वतीबाग के पास दम तोड़ दिया। एक युवक की मौत पार्वती बाग से आगे रास्ते में हुई।
एक महिला की अभी शिनाख्त नहीं
इन तीनों के शवों को बेस कैंप सिंहगाड़ लाया जा रहा है। इसी बीच पार्वती बाग के आसपास एक और महिला की मौत की सूचना है। रेस्क्यू टीम पार्वतीबाग के लिए रवाना हो गई है। ये महिला भी रामपुर क्षेत्र बताई जा रही है।
डीसी कुल्लू और श्रीखंड यात्रा ट्रस्ट के अध्यक्ष राकेश कंवर ने बताया कि चार श्रद्धालुओं की मौत की सूचना है। तीन के शव लाए जा रहे हैं।
इनमें से एक की शिनाख्त नहीं हुई है। चौथे का अभी कोई पता नहीं चल पाया है। इधर, एसडीएम आनी नीरज गुप्ता ने बताया कि रेस्क्यू टीम शवों को सिंघगाड़ ला रही है।
यात्रा पर पूर्ण रूप से रोक
मौसम खराब होने के कारण अभी यात्रा पर पूर्ण रूप से रोक है। डीएसपी आनी सुनील नेगी ने बताया कि पुलिस दल फंसे हुए श्रद्धालुओं और शवों को बेस कैंप में लाने में जुटा है।
पिछले कई दिनों से श्रीखंड यात्रा के रास्ते में लगातार बारिश और बर्फबारी हो रही है जिस वजह से श्रद्धालुओं की जान आफत में पड़ गई है।