समर फेस्टिवल के दौरान रिज मैदान पर देर रात हुड़दंग रोकने से मना करना एक कांस्टेबल को भारी पड़ गया। हुड़दंगियों पर कार्रवाई न करने की शिकायत एसपी तक पहुंची।
वे खुद घटना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने कांस्टेबल से कहा कि लोगों की सुरक्षा नहीं कर सकते तो चूड़ियां पहन लो। मगर सिविल ड्रेस में एसपी को पहचानते हुए कांस्टेबल खुद को ठीक बताता रहा।
इसने कहा कि जनाब मेरी ड्यूटी का टाइम खत्म हो गया है। मैं क्यों शराबियों से उलझूं। आखिरकार इसे पुलिस रिपोर्टिंग रूम में ले जाया गया।
कांस्टेबल ने लगाए बहाने, एसपी ने किया सस्पेंड
बाद में कांस्टेबल को अपनी गलती का अहसास हुआ तो माफी मांगने लगा। इसने कहा कि साहब बीवी मुझे छोड़कर चली गई है। इसीलिए मैं मानसिक रूप से बहुत परेशान हूं।
लेकिन एसपी ने ड्यूटी में कोताही बरतने पर इसे निलंबित कर दिया। इसे फिलहाल संबंधित बटालियन भेज दिया गया है।
पुलिस अधीक्षक अभिषेक दुल्लर का कहना है कि कांस्टेबल ड्यूटी में लापरवाही बरत रहा था। यह ड्यूटी करने की बजाय उल्टा लोगों पर ही बरस रहा था। इसे सस्पेंड कर दिया गया है।
महिलाओं से छेड़खानी करने पर मांगी थी मदद
जानकारी के अनुसार मंगलवार रात करीब 10.30 बजे रिट्स के पास आठ दस लोग शराब पीकर हुड़दंग मचा रहे थे। एक व्यक्ति ने कांस्टेबल को इन्हें रोकने को कहा। व्यक्ति ने कहा कि महिलाओं का यहां से गुजरना मुश्किल है।
मगर राइफल कंधे पर लटकाए इस पुलिस जवान ने तपाक से कहा कि मेरी ड्यूटी 10:00 बजे तक थी। मैं कुछ नहीं कर सकता। सामने खड़े ट्रैफिक कांस्टेबल से कहो।
इस पर व्यक्ति ने जवान से कहा कि आपके व्यवहार की शिकायत एसपी से की जाएगी। जवाब मिला - जो करना है कर लो, मेरी ड्यूटी खत्म है। बाद में इसकी शिकायत की गई और एसपी ने खुद मौके पर आकर इसे सबक सिखा दिया।