सीजेएम कोर्ट चंबा ने पुलिस हिरासत में मारपीट पर छह पुलिस वालों को दोषी करार दिया है। इनमें तत्कालीन पुलिस अधीक्षक उपेंद्र ठाकुर की वर्ष 2009 में मौत हो चुकी है जबकि एसएचओ भरमौर प्रताप सिंह, एएसआई गैहरा अनूप कटोच, हेड कांस्टेबल सुरिंद्र
सिंह, कांस्टेबल न्यूटन व कांस्टेबल योगेंद्र योग को एक-एक साल की सजा के साथ पांच-पांच हजार रुपये जुर्माना किया गया है। जुर्माना न भरा तो तीन माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी। बता दें कि वर्ष 2006 में चमेरा हाईडल प्रोजेक्ट का निर्माण कर रही हिंदुस्तान कंस्ट्रक्शन कंपनी के तीन मजदूरों की हत्या हो गई थी।
हिरासत में की थी मारपीट
इसे लेकर सीटू कार्यकर्ताओं ने कंपनी के खिलाफ धरना प्रदर्शन किया। पुलिस ने धरना दे रहे कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई करते हुए सीटू के प्रदेश महासचिव कश्मीर सिंह राणा को हिरासत में लिया और केस भी दर्ज किया। 22 अगस्त 2006 को कश्मीर सिंह राणा का पुलिस ने मेडिकल करवाया, जिसमें उनके शरीर पर किसी चोट के निशान नहीं पाए गए।
लेकिन हिरासत में उनके साथ मारपीट की गई, जिसमें उन्हें गंभीर चोर्टें आइं। हिरासत से निकलने के बाद कश्मीर ने पुलिस द्वारा की गई मारपीट की शिकायत एडवोकेट डीपी मल्होत्रा द्वारा सीजेएम कोर्ट में दर्ज करवाई। आईपीसी की धारा 323, 506, 166, 167, 120बी, 177, 192 व 330 के तहत एफआईआर दायर की गई थी, जिसमें सीजेएम कोर्ट ने यह फैसला सुनाया है।
मानहानि पर देने होंगे 25 लाख
कश्मीर राणा ने 25 लाख का मानहानि का मुकदमा भी किया था। इस मामले में भी शुक्रवार को जिला सत्र एवं न्यायाधीश की अदालत ने कश्मीर के हक में फैसला सुनाया।
मानहानि की राशि का पचास प्रतिशत हिस्सा प्रदेश सरकार को चुकाना होगा जबकि पचास प्रतिशत हिस्सा दोषी पुलिस वालों को।