नौकरी से निकाले जाने को लेकर मैथ टीचर कई दिन से तनाव में थी। एकाएक कुछ ऐसा कर दिया कि सब सन्न रह गए। महिला टीचर ने स्कूल के ही स्टाफ क्वार्टर में जाकर फंदा लगा लिया। मामला हिमाचल के जिला सोलन का है।
यहां पाइनग्रोव स्कूल सुबाथू में कार्यरत मैथ टीचर ने स्टाफ क्वार्टर में फंदा लगाकर जान दे दी। घटना को लेकर परिजनों ने स्कूल प्रबंधन पर आत्महत्या के लिए मजबूर करने के संगीन आरोप जड़े हैं।
उन्होंने दावा किया कि प्रबंधन टीचर पर नौकरी छोड़ने के लिए दवाब बना रहा था। इसी मानसिक तनाव के कारण उसने सुसाइड कर लिया। स्कूल प्रबंधन ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज क दिया है। उन्होंने बताया कि आत्महत्या का कारण पारिवारिक है।
शिमला की रहने वाली थी शिक्षिका
मौके से पुलिस ने कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं किया है। मामले में 174 के तहत पुलिस कार्रवाई कर रही है। इसकी पुष्टि कार्यवाहक पुलिस थाना प्रभारी धर्मपुर कृष्ण चंद ने की है। उन्होंने कहा कि परिजनों ने प्रबंधन पर आत्महत्या के लिए मजबूर करने के आरोप लगाए हैं।
पुलिस ने मृतका की पहचान 35 वर्षीय वंदना कपिल पुत्री भारत भूषण निवासी देवी कॉटेज सुभाष नगर नजदीक लक्कड़ बाजार शिमला के रूप में की है। पुलिस के मुताबिक वह पिछले 3 सालों से स्कूल में अध्यापन का कार्य कर रही थी।
जिस दिन यह घटना घटी वंदना के भाई हेमंत कुमार व पिता भारत भूषण स्कूल प्रबंधन से बैठक करने पहुंचे। वंदना के पिता व भाई सबसे पहले उसके कमरे में देखा।
कमरा बंद कर लगाया फंदा
कमरा बंद था, दरवाजे को खटखटाया तो अंदर से आवाज आई की थोड़ी देर में आ रही है, लेकिन काफी समय तक वंदना नहीं आई तो उसके परिजनों ने एक बार फिर वंदना का दरवाजा तो खटखटाया कमरे से कोई जवाब नहीं आया। जिस पर वंदना के परिजनों ने शोर मचाकर स्कूल स्टाफ को बुलाया। कमरे की खिड़की तोड़कर देखा तो अंदर अध्यापिका फंदे से लटकी थी।
स्कूल के चेयरमैन एजे सिंह ने सभी आरोपों को सिरे से नकार दिया है। उन्होंने कहा कि मृृतका की फैमली लाइफ काफी डिस्टर्ब थी। उसका पति के साथ अनबन चल रही थी। वह छुट्टी काटकर अपने पति के यहां युमनानगर से आई और टर्मिनेशन मांग रही थी। इसी सिलसिले में उसके भाई और पिता को बैठक के लिए बुलाया गया था।