दाखिले के दो दिन बाद ही स्कूल की गाड़ी से कुचलकर तीन साल के एक मासूम की मौत हो गई। ड्राइवर ने तो संवेदनहीनता की हद ही पार कर दी।
घायल बच्चे को गाड़ी में लादकर अस्पताल ले जाने की जगह वह 45 मिनट तक दूसरे बच्चों को उनके घर छोड़ता रहा और जब घायल को लेकर अस्पताल पहुंचा तो डाक्टरों ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया।
पुलिस ने चालक और स्कूल प्रबंधक के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है जबकि शव का पोस्टमार्टम कर परिजनों को सौंप दिया। टकारला निवासी तीन साल अर्शप्रीत शुक्रवार दोपहर को अपनी दस वर्षीय बहन के साथ घुसाड़ा स्थित केवी इंटरनेशनल स्कूल से घर लौट रहा था।