ओच्छघाट-कु मारहट्टी सड़क पर टटूल के समीप केटीएस पब्लिक स्कूल की बस अनियंत्रित होकर सड़क किनारे रखे ईंटों के ढेर से जा टकराई। इस दुर्घटना में बस में सवार 32 बच्चों और दो अध्यापकों को हल्की चोटें आई हैं।
हादसे के तुरंत बाद घायलों को जोनल अस्पताल सोलन लाया गया। जहां प्राथमिक उपचार और मेडिकल चेेकअप के बाद शिक्षकों समेत 30 विद्यार्थियों को छुट्टी दे दी गई है।
वहीं दो छात्राओं को हैडइंजरी के संदेह के चलते 24 घंटे तक निगरानी में रखा गया है। बस में करीब 42 बच्चे सवार थे।
पुलिस के अनुसार हादसा सुबह करीब 9.15 से 9.30 के बीच स्कूल से महज 50 मीटर की दूरी पर हुआ। स्कूल बस शरगांव नौणी से बच्चों को स्कूल तक ला रही थी। मौके पर चालक ने पुलिस में दिए बयान में कहा है कि बस की ब्रेक नहीं लगी।
बस खाई मेें भी लुढ़क सकती थी, लिहाजा बस को ईंटों के ढेर की तरफ मोड़ना पड़ा। हादसे के बाद 32 बच्चों को क्षेत्रीय अस्पताल सोलन पहुंचाया गया। बस हादसेे की सूचना मिलते ही क्षेत्रीय अस्पताल में अभिभावकों की अफरातफरी मच गई।
अभिभावक अपने बच्चों को देखने के लिए अस्पताल पहुंचे। वहीं पुलिस ने बस चालक शमशेर सिंह के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। मुकदमा दर्ज होने की पुष्टि थाना प्रभारी अनिल धौल्टा ने की है।
चिल्ला कर दी थी चेतावनी
अभिभावकों में रमेश शर्मा, अंजना, बलदेव और कुलदीप सिंह ने कहा कि बच्चों से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि बस चालक ने चिल्ला कर ब्रेक न लगने की बात कही। वहीं सीटों को जोर से पकड़ने के लिए कहते हुए बस ईंटों के ढेर से टकराई। इसे चालक की सूझबूझ कहें कि बर्स इंटो के ढेर की तरफ मोड़ी अन्यथा बस खाई में गिर सकती थी।
ये विद्यार्थी हुए हैं घायल
13 वर्षीय प्रीति और नेहा को 24 घंटे तक अंडर आब्जर्वेशन रखा गया है। मुस्कान, अंकुश, अंकुर, आफताब, अभिनव और राधिका को चोटें आई हैं। वहीं बेहद हल्की चोटें लगने वालों में रोहित, निवेदिता, जतिन, महक, देवेंद्र, अंवतिका, टिवंकल, आकाश, गौरव, पारस, आरुषि, परतोष, दीक्षित, ध्रुव, राहुल, रिशिता, एंजल, इशिता, मोर्यव, तुषार, अनिशिका, नंदनी, चिराग, रवि, निखिल और पीयूष शामिल हैं।
एक बस पंजीकृत नहीं: ठाकुर
आरटीओ निशांत ठाकुर का कहना है कि हादसे के कारणों का पता लगाएंगे। स्कूल के पास चार बसें हैं। जिनमें एक बस रजिस्टर्ड नहीं है। इस बस का कई बार चालान भी काटा गया है। छानबीन की जा रही है कि कौन सी बस दु़र्घटनाग्रस्त हुई है। अगर अपंजीकृत बस दुर्घटनाग्रस्त हुई है तो स्कूल प्रबंधन पर कार्रवाई होगी।