प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्रियों के अलावा विपक्ष के नेताओं, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों से घिरे रहने वाला साधुपुल का श्रीराम लोक मंदिर का हाई प्रोफाइल बाबा अमरदेव फिर विवादों में है। आरोप है कि बाबा ने बुधवार को अपने मंदिर में एक महिला पर तेजधार हथियार से हमला कर दिया।
महिला बुरी तरह घायल होकर मंदिर परिसर में ही गिर पड़ी। इसके बाद गुस्साए ग्रामीणों ने बाबा की जमकर धुनाई कर डाली। इस दौरान दोनों पक्षों में हाथापाई हुई। इससे स्थिति काफी तनावपूर्ण हो गई। महिला को कंडाघाट अस्पताल में उपचार के लिए लाया गया जहां उसकी कमर और बाजू पर करीब 14 टांके लगे हैं।
घायल अमरेदव को सोलन अस्पताल लाया है। मेडिकल के बाद पुलिस मामले में जांच कर रही है। लेकिन अभी तक किसी के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं हो सका है। पुलिस अधीक्षक सोलन अंजुम आरा ने कहा कि दोनों तरफ से शिकायतें मिली हैं।
पुलिस दोनों पक्षों की तरफ से हुई शिकायत के आधार पर हर पहलू को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। बाबा के समर्थकों का कहना है कि बाबा पर पहले हमला हुआ। जान बचाने के लिए बाबा ने यह सबकुछ किया है। देर शाम तक बाबा और महिला सोलन में दाखिल थे।
ग्रामीण बोले यह था विवाद
घायल महिला की पहचान शांति देवी (52) निवासी गांव अलझो के रूप में हुई है। आश्रम के साथ खेतों में काम कर रही दीपा शर्मा ने बताया कि उसने जैसे ही चीख पुकार सुनी तो वह सबकुछ छोड़ कर मंदिर की तरफ भागी।
मंदिर में पहुंची तो शांति देवी नीचे गिरी हुई थी तथा काफी खून निकला हुआ था। पंचायत तुदल के प्रधान प्रवीण कुमार ने कहा कि कुछ लोग बात करने के लिए मंदिर आए थे। महिलाएं आगे थीं। अंदर पता नहीं क्या बात हुई।
बाबा ने तेजधार हथियार उठाकर हमला बोल दिया। इससे गुस्साए ग्रामीणों ने बाबा की धुनाई कर दी। सूत्रों के अनुसार मंदिर की भूमि की डिमार्केशन को लेकर विवाद चल रहा है। काफी समय से यह विवाद चल रहा था। ग्रामीण पुलिस और प्रशासन को भी स्थिति से अवगत करवा चुके थे। लेकिन समय पर कार्रवाई न होने के चलते यह विवाद बढ़ गया।
पहले भी विवादों में रहे हैं अमरदेव
अमरदेव पहले भी विवादों में रहे हैं। अप्रैल 2016 में पुलिस की टीम ने बाबा के आश्रम से तेंदुए की चार खालें बरामद की थीं। इस मामले में उनको हिरासत में भी लिया गया लेकिन बाद में जमानत पर रिहा कर दिया।
इसके अलावा बाबा के आश्रम श्रीराम लोक मंदिर पर सरकारी भूमि पर कब्जा करने का आरोप भी लगा था। इस मामले में 19 अप्रैल 2016 को मंदिर को जिला प्रशासन ने नोटिस भी जारी किया था।
कई बड़े नेता बाबा के भक्त हैं, जो उनके दरबार में आकर नतमस्तक होते रहे हैं। कांग्रेस के कुछ कैबिनेट मंत्रियों, कुछ पुलिस और प्रशासन के अफसरों के अलावा संघ की पूरी छत्रछाया इस बाबा पर बताई जाती है।