रघुनाथ के मुख्य छड़ीबरदार महेश्वर सिंह ने चोरी की घटना के बाद बुधवार दोपहर पहली बार मीडिया से बातचीत की। उन्होंने कहा कि अगर पुलिस गंभीर होती तो रघुनाथ मंदिर से आज मूर्तियां चोरी न होती।
उन्होंने कहा कि जनवरी माह में हुई चोरी की बारदात के बाद उन्होंने पुलिस से मंदिर की सुरक्षा के लिए जवान तैनात करने की मांग की थी। लेकिन पुलिस ने स्टॉफ कम होने का हवाला देते हुए कहा था कि मंदिर में जवान तो तैनात नहीं हो सकते है।
लेकिन मंदिर क्षेत्र गश्त बढ़ा दी जाएगी। लेकिन ऐसा कुछ हो नहीं हो सकता। जिस का परिणाम आज सब के सामने है। उन्होंने आशंका जाहीर की है कि जिस गिरोह ने जनवरी माह में मंदिर में चोरी की थी उसी गिरोह का हाथ इस बार भी हो सकता है। क्योंकि चोरी की घटना को पूरी सफाई के साथ किया है, जिससे साफ है कि मंदिर से भलि भांति परिचित था।