हिमाचल के सोलन जिले के बद्दी स्थित ग्लेनमार्क हेल्थकेयर फैक्टरी में पांच साल से फूड लाइसेंस की आड़ में दवाएं बनाने का धंधा चल रहा था। दवा नियंत्रक विभाग का कार्यालय बद्दी में ही होने के बावजूद विभाग को इसकी भनक तक नहीं लग पाई। फैक्टरी मालिक फूड लाइसेंस की आड़ में अलग-अलग कंपनियों के कैप्सूल, टेबलेट और सिरप बनाकर उसे बाजार में बेच रहे थे। आरोपियों की पहचान अनुराग शुक्ला और अभिनिंद्र शुक्ला, निवासी चंद्रनगर नबस्ता, थाना कानपुर (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई है।
मंगलवार को विभाग ने कार्रवाई करते हुए छापेमारी की थी। इस दौरान विभागीय अधिकारियों फैक्टरी में चल रहे इस गोरखधंधे को देखकर स्तब्ध रह गए। वर्ष 2016 में फूड लाइसेंस ले रखा था। जहां पर यह फैक्टरी है, वहां औद्योगिक क्षेत्र न होकर ट्रांसपोर्ट और ट्रेडर्स की दुकानें हैं। दवा नियंत्रक विभाग को निरीक्षण के दौरान दवाइयों का पैकिंग मैटीरियल, उत्तराखंड, बद्दी की फर्म की दवाइयां, बैच प्रिटिंग स्टीकर मिले हैं। फैक्टरी में बिना लाइसेंस के उत्पादन किया जा रहा था। इसमें संलिप्त दो लोगों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दे दी गई है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।