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फूड लाइसेंस लेकर बद्दी में ऐसे चल रहा था दवा बनाने का गोरखधंधा, दो गिरफ्तार

Wed, 04 Mar 2020 06:16 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, बद्दी (सोलन)
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- फोटो : अमर उजाला
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हिमाचल के सोलन जिले के बद्दी स्थित ग्लेनमार्क हेल्थकेयर फैक्टरी में पांच साल से फूड लाइसेंस की आड़ में दवाएं बनाने का धंधा चल रहा था। दवा नियंत्रक विभाग का कार्यालय बद्दी में ही होने के बावजूद विभाग को इसकी भनक तक नहीं लग पाई। फैक्टरी मालिक फूड लाइसेंस की आड़ में अलग-अलग कंपनियों के कैप्सूल, टेबलेट और सिरप बनाकर उसे बाजार में बेच रहे थे। आरोपियों की पहचान अनुराग शुक्ला और अभिनिंद्र शुक्ला, निवासी चंद्रनगर नबस्ता, थाना कानपुर (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई है।

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मंगलवार को विभाग ने कार्रवाई करते हुए छापेमारी की थी। इस दौरान विभागीय अधिकारियों फैक्टरी में चल रहे इस गोरखधंधे को देखकर स्तब्ध रह गए। वर्ष 2016 में फूड लाइसेंस ले रखा था। जहां पर यह फैक्टरी है, वहां औद्योगिक क्षेत्र न होकर ट्रांसपोर्ट और ट्रेडर्स की दुकानें हैं। दवा नियंत्रक विभाग को निरीक्षण के दौरान दवाइयों का पैकिंग मैटीरियल, उत्तराखंड, बद्दी की फर्म की दवाइयां, बैच प्रिटिंग स्टीकर मिले हैं। फैक्टरी में बिना लाइसेंस के उत्पादन किया जा रहा था। इसमें संलिप्त दो लोगों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दे दी गई है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। 

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फर्जी बैच नंबर पर बना रहे थे दवा : विभाग 

राज्य दवा उप नियंत्रक मनीष कपूर का कहना है कि दोनों आरोपियों को पुलिस के हवाले कर दिया गया है। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। उन्होंने बताया कि आरोपियों के कब्जे से उत्तराखंड और बद्दी की दवा कंपनियों का स्टॉक मिला है।

आरोपियों ने फर्जी बैच नंबर बना रखे थे। इसके आधार पर दवाएं बेची जा रही थी। उन्होंने बताया कि दवाएं कहां बेची गई। इसकी भी पूरी जांच की जाएगी। 

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एनके शर्मा ने बताया कि नकली दवा बनाने के मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनके खिलाफ ड्रग एंड कॉस्मेटिक की धारा 27सी में केस दर्ज किया गया है। इन्हें कल कोर्ट में पेश किया जाएगा। 
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