हिमाचल प्रदेश के पालमपुर में बीएस-4 वाहनों के पंजीकरण फर्जीवाड़े में अब कई लोगों पर शिकंजा कसेगा। इस मामले में पुलिस ने बुधवार को अब एफआईआर दर्ज कर ली है, जिससे अब जांच की आंच में कई लोगों की इस गोरखधंधे में पोल खुल जाएगी। पुलिस ने इस मामले में एक कर्मचारी समेत 11 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। कर्मचारी आरएलए ब्रांच में तैनात था। पुलिस अब तक मामले में एफआईआर दर्ज करने के इंतजार में थी। मामला काफी पेचिदा होने के कारण एसपी ने डीएसपी पालमपुर से एक सप्ताह के अंदर रिपोर्ट देने को कहा था। जिसमें इसकी पूरी जांच कर ब्योरा मांगा गया था। एसपी के आदेश मिलते ही डीएसपी ने सात दिनों के अंदर मामले में अपनी जांच कर एसपी को तीन दिन पहले रिपोर्ट भेज दी थी।
जिसमें डीएसपी ने मामले में एफआईआर दर्ज करने की संस्तुति की थी। लिहाजा, बुधवार को एसपी के एफआईआर के आदेश आते ही पालमपुर पुलिस ने एक कर्मचारी समेत 111 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। मामला दर्ज करते ही पुलिस ने अपना काम करना शुरू कर दिया है। सूत्रों की मानें तो अभी इस मामले में कई कर्मचारी भी लपेटे में आ सकते हैं। साथ ही जिन लोगों ने फर्जी तौर पर वाहनों की पंजीकरण करवाए गए हैं उन पर कब तक शिंकजा कसा जाता है। इसका पता भी जल्द लग जाएगा। पालमपुर में 110 बीएस-4 वाहनों को फर्जी पंजीकरण हुआ है। वहीं डीएसपी पालमपुर अमित शर्मा ने कहा कि बीएस-4 वाहन पंजीकरण मामले में पुलिस ने अब एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस अब इसकी जांच में जुट गई है। कहा कि जल्द ही मामले का पूरा पता चल पाएगा।