महिला ने इसकी शिकायत पुलिस चौकी में की। महिला तलाक के लिए समझौते के नाम पर पांच लाख रुपये मांग रही थी और चौकी प्रभारी ने ढाई लाख रुपये महिला को देने के वादे पर शिकायतकर्ता राकेश को मामला निपटाने की बात कही। इसके बदले में आरोपी चौकी प्रभारी ने रिश्वत मांगी।
29 मार्च को शिकायतकर्ता ने उसे चार हजार और फिर दो-तीन दिन बाद पांच हजार रुपये के अलावा पांच किलो बादाम और शराब दी। इसके बाद भी आरोपी की रिश्वत की मांग कम नहीं हुई तो राकेश ने विजिलेंस से संपर्क साधा।
जिस पर एएसपी विजिलेंस ऊना सागर चंद्र ने अपनी टीम जिसमें शिमला से एसआईयू विजिलेंस इंस्पेक्टर बाबू राम, इंस्पेक्टर कमलेश ऊना, सब इंस्पेक्टर अनिल ने जाल बिछाकर मंगलवार को उसे रिश्वत लेते रंगे हाथ दबोच लिया।
आरोपी एएसआई के खिलाफ धारा 07 भ्रष्टाचार अधिनियम 1988 के तहत मामला दर्ज करके उसे हिरासत में ले लिया है। साथ ही चौकी प्रभारी की निजी गाड़ी जिसमें कैश रखा था उसको भी कब्जे में ले लिया। बुधवार को आरोपी स्पेशल जज ऊना की कोर्ट में पेश किया जाएगा।