सरकारी योजनाओं से लोन दिलाने के नाम पर लोगों के लाखों रुपये लेकर फर्जी कंपनी का एमडी फरार हो गया है। फर्जीवाड़े का भंडाफोड़ तब हुआ, जब बीते शुक्रवार को नाहन निवासी इनाम खान कंपनी के बताए अनुसार लोन लेने शिमला पहुंचा। कंपनी ने जिस दफ्तर का पता दिया था वह फर्जी निकला। खान ने कंपनी के एमडी को फोन किया तो स्विच ऑफ था।
खान नाहन लौटकर जब कंपनी के दफ्तर पहुंचा तो वहां पर तैनात लोकल कर्मचारियों ने भी एमडी को फोन करने की कोशिश की लेकिन फोन स्विच ऑफ ही रहा। थक हारकर खान ने थाने में फर्जीवाड़े की शिकायत की। खबर फैलते ही इस कंपनी में पैसा लगाने वालों में हड़कंप मच गया। ये सभी लोग अब थाने के चक्कर काट रहे हैं।
पुलिस के अनुसार जयश्री बालाजी सिक्योरिटी एंड फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड नाम की कंपनी ने ढाई महीने पहले मालरोड पर दफ्तर खोला। कंपनी ने बेरोजगार युवाओं को झांसा दिया कि वे सरकारी योजनाओं का ऋण दिलाते हैं। ऋण प्रक्रिया पूरी करने के लिए उन्होंने नाहन के 20 लोगों से पहले 10-10 हजार प्रोसेस फीस ली।
इसके बाद कंपनी के कथित एमडी संदीप राठौर ने ऋण अप्लाई करने वाले लोगों से व्यक्तिगत रूप से संपर्क कर कहा कि वह अप्लाई किए गए लोन पर 20 प्रतिशत मार्जन मनी उनके पास जमा करवाएं। लोन लेने वाले लोगों ने मार्जन मनी के रूप में करीब 6 लाख रुपये एमडी के पास जमा कर दिए। लेकिन अब यह फरार हो गया है।
शातिरों ने इस तरह फंसाए लोग
इनाम खान, आकाश दीप आदि ने बताया कि कंपनी कर्मचारियों और एमडी ने उनसे कहा कि उनका इलाहबाद बैंक से टाईअप है। इसके अलावा कई बड़े नेताओं के करोड़ों रुपये की ब्लैक मनी को व्हाइट करने के लिए ऋण के रूप में लगाकर गरीब एवं बेरोजगारों को लाभ पहुंचा रहे हैं।
डेढ़ दशक पहले भी ठगे थे लोग- 1998-99 में इसी प्रकार एक फर्जी फाइनेंस कंपनी सामान खरीदने की एवज में लोगों से लाखों रुपये ऐंठकर रातोंरात चंपत हो गई थी।
कंपनी के कर्मचारी भी ठगे- नाहन कार्यालय में बतौर मैनेजर अनीष अंसारी ने कहा कि उनके परिवार ने भी 40 हजार रुपये ऋण लेने के लिए लगाए थे। कंपनी के एमडी ने उन्हें एवं तीन अन्य कर्मचारियों को दो माह काम करने के बाद एक माह की आधी सैलरी दी और अब जब उनसे संपर्क कर रहे हैं तो फोन स्विच ऑफ आ रहा है।
कर्मचारियों ने सवाल किया कि मालरोड पर कंपनी कार्यालय खोलने के लिए भवन मालिक को 20 हजार सिक्योरिटी मनी और 10 हजार रुपये प्रतिमाह रेंट के रूप दिया था। लेकिन भवन मालिक ने कंपनी की कोई वेरीफिकेशन नहीं की।
पुलिस पूरे मामले की करे जांच : बिंदल
स्थानीय विधायक डॉ. राजीव बिंदल ने कहा कि पुलिस पूरे मामले की जांच करे। जनता के साथ धोखाधड़ी करने वाले आरोपी को जल्द गिरफ्तार करे। जनता की मेहनत की कमाई पर इस तरह का डाका डालने वाले के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
मामला दर्ज, की जाएगी जांच: एसपी
पुलिस अधीक्षक सौम्या सांबशिवन ने कहा कि थाने में रविवार को शिकायत मिलने के बाद धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है। नामजद आरोपियों को हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ की जाएगी। आमजन को इस प्रकार की फर्जी कंपनियों में पैसा लगाने से पहले पूरी तहकीकात करनी चाहिए।