हिमाचल प्रदेश के चंबा जिला की पंचायत का यह प्रधान कई सालों तक पंचायत के पैसे से खुद का भला करता रहा। जब विजिलेंस ने मौके पर पड़ताल की तो इसके लाखों के गोलमाल का पूरा सच सामने आया।
मामला चंबा की ग्राम पंचायत जांगी के प्रधान का है। विजिलेंस जांच में पता चला है कि प्रधान ने मनरेगा,बीआरजीएफ और अन्य योजनाओं में काम के नाम पर लाखों रुपये का गबन किया है।
सिर्फ कागजों में ही पंचायत में सारे विकास कार्य किए गए जबकि वास्तविकता में यहां पर कुछ भी नहीं हुआ था। विजिलेंस ने आरोपी प्रधान वीरेंद्र गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया है।