आरोपी रोहित रॉय के पिता की स्पेयर पार्ट्र्स बनाने की फैक्टरी है। ये वर्ष 2013 से कॉल सेंटर में काम कर रहा था। इसी दौरान आरोपी इशान किरार, अभिषेक व विवेक रे के साथ ठगी करने लगा। ये लोगों को फोन कर खुद को आरबीआई का मैनेजर बताता था। इशान किरार के पिता की एसी के स्पेयर पार्ट्स की दुकान थी। इशान आरबीआई का फर्जी डायरेक्टर बनता था।
अभिषेक पीड़ितों को मेल भेजता था। विवेक खुद को असिस्टेंट बताता था। सभी आरोपियों ने अपना करियर कॉल सेंटरों से शुरू किया था। ये लोगों को फोन कर पॉलिसी के नाम पर बोनस व अधिक मुनाफा देने का लालच देकर ठगी करते थे। आरोपी ऐसे लोगों को अपना शिकार बनाते थे जो रिटायर्ड थे।
कोई पीड़ित इनके दिए गए अकाउंट में पैसा जमा कराता था तो आरोपी इंश्योरेंस की एनओसी, आयकर पेमेंट और सर्विस टैक्स पेमेंट के नाम पर मोटी रकम लेते थे। इसके बाद गायब हो जाते थे। आरोपियों ने अपने परिजनों को बता रखा था कि वह कॉल सेंटर में काम करते हैं।