14 जून को रहस्यमयी परिस्थितियों में युग लापता हो गया था। परिजनों ने पुलिस में बच्चे की गुमशुदगी की शिकायत दर्ज करवाई थी लेकिन पुलिस युग को खोजने में नाकाम रही। इसके बाद मामले की जांच सीआईडी को सौंपी।
20 अगस्त को सीआईडी ने विक्रांत की पहली गिरफ्तारी की, 22 अगस्त 2016 निशानदेही पर सीआईडी ने भराड़ी के एक टैंक से बच्चे का कंकाल बरामद किया। इसी दिन इस अपहरण और हत्या मामले के दो सह अभियुक्तों चंद्र शर्मा और तेजेंद्र पाल को सीआईडी ने गिरफ्तार किया था।
अपहरण और हत्या के आरोपियों के खिलाफ दोष साबित करने के लिए 20 फरवरी 2017 को जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में ट्रायल शुरू किया था। इस अपहरण और निर्मम हत्या मामले ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया था।