डा. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज के अस्पताल में तीन दिन पुराना नवजात बच्ची का शव मिलने के मामले में पुलिस ने जांच तेज कर दी है। बच्ची को किसी ने मारकर यहां फेंक दिया था या फिर कहीं बाहर से तो यहां नहीं रख दिया, इन सभी तथ्यों को बारीकी से खंगालने में पुलिस जुट गई है।
शनिवार को बच्ची का पोस्टमार्टम चिकित्सक उपलब्ध न होने के कारण नहीं हो पाया। अब बच्ची का पोस्टमार्टम सोमवार को किया जाएगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही बच्ची के मौत के कारणों का खुलासा हो पाएगा। पुलिस ने सात सितंबर से अस्पताल में हुई डिलीवरी का रिकार्ड मंगवा लिया है।
सूत्रों के अनुसार पुलिस इस दौरान हुई हर डिलीवरी की छानबीन करेगी। यह भी देखा जाएगा कि डिलीवरी के बाद किसी बच्ची की मौत तो नहीं हुई है? अस्पताल में शुक्रवार को हुई इस घटना से हर कोई सन्न है। मामला लापरवाही का है या फिर जानबूझ का, पुलिस परत दर परत अंदरखाते छानबीन में जुट गई है।
कालेज प्रशासन ने भी अस्पताल प्रशासन से इस सारे मामले की रिपोर्ट मंगवाई है। वहीं खराब पड़े सीसीटीवी कैमरों का भी ब्योरा मांगा गया है। हालांकि, इस मसले पर पुलिस को सबसे ज्यादा मदद मिल सकती थी, यदि यहां सीसीटीवी कैमरे चालू रहते।
एसएचओ बहादुर सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम सोमवार को होगा। पुलिस ने सात सितंबर के बाद हुई डिलीवरी का आंकड़ा इकट्ठा कर लिया है। इसकी पड़ताल की जा रही है। वहीं वार्ड के बाहर बच्ची का शव कैसे पहुंचा, पुलिस इन सभी मसलों पर गहराई से तफ्तीश में जुटी हुई है।
टांडा अस्पताल सवालों के घेरे में-अस्पताल में तीन दिन पुराना शव मिलने के मामले में अस्पताल प्रशासन की कार्यशैली सवालों के घेरे में आ गई है। सुरक्षा कर्मी, सफाई कर्मी की कार्यप्रणाली पर इस मामले ने सवालिया निशान लगा दिए हैं। तीसरी मंजिल के वार्ड के बाहर पड़े नवजात बच्ची के शव पर तीन दिनों तक किसी की नजर क्यों नहीं गई, यह सबसे बड़ा जांच का विषय है।