पटियाला हाउस कोर्ट ने बीमा एजेंट आनंद सिंह चौहान की न्यायिक हिरासत कोर्ट ने चार जनवरी तक बढ़ा दी। चौहान हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से जुड़े पांच करोड़ के मनी लांड्रिंग मामले में आरोपी हैं। न्यायिक हिरासत समाप्त होने पर उन्हें विशेष सीबीआई जज विनोद कुमार के समक्ष पेश किया गया था। उनकी जमानत याचिका हाईकोर्ट में लंबित है।
इस पर फैसला आने के बाद आरोपों पर बहस शुरू होगी। बता दें कि कोर्ट ने कुछ समय पहले चौहान की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। प्रवर्तन निदेशालय ने चौहान को चंडीगढ़ से 8 जुलाई को गिरफ्तार किया था। बता दें कि चौहान पर वीरभद्र सिंह के पांच करोड़ रुपये जीवन बीमा में निवेश करवाने का आरोप है।
चौहान ने वीरभद्र सिंह से करीब 5.14 करोड़ रुपये कैश लिया और अपने पंजाब नेशनल बैंक के खाते में जमा करवाया और उसके बाद वीरभद्र व उनके परिजनों के नाम पर बीमा पॉलिसी खरीद कर निवेश कर दिया बैंक खाते में मोटी रकम जमा होने के कारण वह आयकर विभाग की नजर में आ गया।
आयकर विभाग ने चौहान के खिलाफ 2011 में जांच शुरू की थी। जांच एजेंसी का कहना है कि वीरभद्र सिंह ने 2009 से 2011 के बीच केंद्रीय इस्पात मंत्री रहते हुये करीब छह करोड़ की अघोषित संपत्ति अर्जित की थी। यह संपत्ति उनकी घोषित आय से अधिक थी। सीबीआई भी वीरभद्र के खिलाफ जांच कर रही है।